रोबोटिक्स इंजीनियरिंग कीवह शाखा है जिसके अंतर्गत रोबोट कीडिजाइनिंग, उनका अनुरक्षण, नए एप्लिकेशन का विकास और अनुसंधान जैसे काम सऔमिलित किए जाते हैं। रोबोटिक्स में मेनिपुलेशन तथा प्रोसेसिंग के लिए कम्प्यूटर का उपयोग किया जाता है। रोबोटिक्स इंजीनियरिंग शाखा में बेसिक इंजीनियरिंग के सिद्धांत तथा रोबोट्स का विकास तथा उपयोग करने के लिए तकनीकीदक्षता सिखाई जाती है। इसमें डिजाइन इंस्ट्रँक्शन, ऑपरेशन टेस्टिंग, सिस्टम मेंटेनेंस तथा रिपेयरिंग आदि शामिल हैं। गौरतलब है कि रोबोट एक ऐसी स्व नियंत्रित रि-प्रोग्रामेबल बहुउद्देशीय मशीन होती है, जिसे लोकोमोशन सहित या उसके बिना इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एप्लिकेशन के लिए या विभिन्न कामों के लिए सामान्यत: प्रयोग में लाया जाता है। वर्तमान में विभिन्न क्रियाकलापों में रोबोटों का उपयोग निरंतर बढ़ता ही जा रहा है इसलिए इस क्षेत्र में रोजगार के बहुत उजले अवसर विद्यमान हैं।
रोबोटिक्स को सामान्यत: चार वर्गों में बाँटा जा सकता है। ये हैं- औद्योगिक रोबोट, पर्सनल रोबोट, मेडिकल या सर्जिकल उपयोग के लिए रोबोट तथा ऑटोनोमस रोबोट। इनमें सबसे बड़ी श्रेणी औद्योगिक रोबोटों कीहोती है, जो साधारण प्रोग्राम योग्य रोबोट होते हैं, जिनका इस्तेमाल मैन्युफैक्त चरिंग संयंत्रों में बहुतायात में होता है। उद्योगों में रोबोट्स का उपयोग निर्माण प्रक्रिया को तेज करने के लिए किया जाता है। औद्योगिक रोबोट्स द्वारा वेल्डिंग, पेंटिंग तथा मशीनों में कलपुर्जे लगाने का काम किया जाता है। रोबोट्स असेऔबलिंग, कटिंग तथा ऑटोमोबाइल्स के विभिन्न पार्ट्स को लगाने का काम भी बड़ी कुशलता एवं दक्षता से करते हैं।
एटॉमिक, थर्मल तथा न्यूँक्लियर पॉवर स्टेशनों पर खतरनाक एवं जोखिम वाले तत्वों कीसाज-संभाल तथा मेंटेनेंस में भी इंसानों के बजाय रोबोटों का प्रयोग बढ़ा है। अब मिलिट्री ऑपरेशंस में भी रोबोट दिखाई देने लगे हैं। इन्हें न्यूँलियर साइंस, सी-एँसप्लोरेशन, इलेँट्रिकल सिग्नल्स कीट्रांसमिशन सर्विस, बायोमेडिकल इँविपमेंट कीडिजाइनिंग आदि के लिए भी उपयोग में लाया जाता है। आजकर रोबोट शल्य चिकित्सा करते हैं , बारूदी सुरंगों को हटाते हैं तथा बमों को निष्क्रिय करते हैं। जिस तरह से दिन-प्रतिदिन रोबोटों कीमाँग बढ़ती जा रही है, उसे देखते हुए रोबोटिक्स एक शानदार एवं चमकदार कॅरियर बनता जा रहा है।
रोबोटिक्स शाखा के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धि (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) का भी अध्ययन किया जाता है। यह कम्प्यूटर विज्ञान कीवह शाखा है, जिसमें यह सीखा जाता है कि कम्प्यूटर में आदमी जैसी बुद्धि कैसे आए। रोबोटिक्स एक मल्टीडिसिप्लिनरी फढील्ड है, जिसमें कम्प्यूटर साइंस, न्यूरोसाइंस, मनोविज्ञान आदि विषय भी शामिल किए जाते हैं। कृत्रिम बुद्धि का उद्देश्य ऐसे कम्प्यूटर प्रोग्राम बनाना होता है, जो समस्याओं को हल कर सकें। इसमें रिसर्च कीदो मुंय धाराएँ होती हैं। एक जैविक है, जो इस विचार पर आधारित है कि आदमी सबसे बुद्धिमान होता है इसलिए आदमी का अध्ययन किया जाए और उसके मनोविज्ञान या शरीर संरचना कीरोबोट के रूप में नकल उतारी जाए। दूसरा है घटना प्रधान जो संसार के बारे में साधारण ज्ञान कीबातों के अध्ययन से संबंधित है। रोबोटिक्स विशेषज्ञ ऐसे सिस्टम विकसित करते हैं, जिनसे मशीनों से इंटरेँट किया जा सके। रोबोट तकनीक के अध्ययन के लिए इंजीनियरिंग डिग्री आवश्यक है। इस क्षेत्र में इलेँट्रॉनिँक्स, मैकेनिँक्स तथा कम्प्यूटर साइंस जैसे सहयोगी क्षेत्रों का ज्ञान शामिल होता है। इसलिए इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने वालों को इन क्षेत्रों से संबंधित तकनीको से भी अवगत होना चाहिए। यदि आप रोबोटिक्स में डिजायनिंग तथा कंट्रोल में विशेषज्ञता प्राप्त् करना चाहते हैं तो आपको मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल करनी होगी। कंट्रोल तथा हार्डवेयर में डिजायनिंग के लिए इलेँट्रिकल या इलेँट्रॉनिँक्स इंजीनियरिंग में बीटेक डिग्री लाभदायक होती है। रोबोटिक्स में कॅरियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्र गणित में बहुत अच्छे होने चाहिए। रोबोटिक्स के क्षेत्र में कॅरियर बनाने हेतु १२वीं कक्षा में भौतिक एवं गणित विषय होना नितांत आवश्यक है। इसके साथ ही साथ उच्चतम प्रतियोगी तथा तकनीकीक्षेत्र में आविष्कढार तथा कुछ नया करने के लिए सृजनात्मक योग्यता भी बेहद जरूरी है। रोबोटिक्स के क्षेत्र में कॅरियर बनाने वालों को सबसे पहले यह करना होगा कि वह कम्प्यूटर, आईटी, मेकेनिकल, मेकेट्रोनिँक्स, इलेँट्रॉनिँक्स अथवा इलेँट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई या बीटेक की डिग्री प्राप्त् करें। यदि आप उच्च अध्ययन करते हैं तो इस क्षेत्र में आपके प्रवेश की संभावना और अवसर दोनों ही बढ़ जाएँगे।
रोबोटिक्स में कोर्स करने वाले छात्र इसरो जैसे अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में रोजगार के विशिष्ट अवसर प्राप्त् कर सकते हैं। इसके साथ ही रोबोटिक्स इंजीनियरों की माइक्रोचिप बनाने वाले उद्योगों में भी खासी माँग है। रोबोटिक्स इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन से मेनुफेक्चरिंग, कृषि, खनन, परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे क्षेत्रों में कॅरियर निर्माण के दरवाजे खुल जाते हैं। वर्तमान समय में रोबोटिक्स के क्षेत्र में योग्य और गुणी प्रोफेशनल्स के सामने कॅरियर निर्माण का एक सुनहरा संसार बाहें पसारे खड़ा है। जहाँ तक इस क्षेत्र में पारिश्रमिक का प्रश्न है, इस क्षेत्र में बेहतरीन वेतन प्रदान किया जाता है। सामान्यत: आरंभिक वेतन ५० हजार से १ लाख रुपए मासिक के बीच होता है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा योग्य रोबोटिक्स प्रोफेशनल्स को बड़ा भारी वेतन एवं अन्य सुविधाएँ प्रदान कीजाती हैं। विदेशों में भी रोबोटिक्स इंजीनियरों कीभारी मांग है।
रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से संबंधित पाठ्यक्रम संचालित करने वाले देश के प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैं-
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), दिल्ली, मुंबई, कानपुर, मद्रास, गुवाहाटी, खड़गपुर, रूड़कीआदि।
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बंगलुरू। वेबसाइट- २२२.द्बद्बह्यष्.द्गह्मठ्ठद्गह्ल.द्बठ्ठ
- सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड रोबोटिक्स, बंगलुरू। वेबसाइट- २२२.द्गड्डद्बह्म.ह्मद्गह्य.द्बठ्ठ
- जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता। वेबसाइट- २२२.द्भड्डस्रड्ड१श्चह्वह्म.द्गस्रह्व
- बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बिट्स), पिलानी।
- कोचिन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कोच्चि।
- वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट, मुंबई।
- थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियंरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला।
- यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद, हैदराबाद।
- उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद।
- एम.एस. यूनिवर्सिटी, बड़ौदा।