डेयरी टेक्नोलॉजी में कॅरियर के अवसर
Publish Date: 6/11/2010
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भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था में डेयरी उद्योग गतिशील भूमिका निभाने वाले प्रमुख उद्योगों में से एक माना जाता है। मध्यप्रदेश जैसे कृषि प्रदेश में भी डेयरी उद्योग का विशेष महत्व है। डेयरी टेक्नोलॉजी के अंतर्गत दुग्ध उत्पादन, पशुओं की देखभाल, दुग्ध प्राप्ति और दुग्ध के विभिन्न डेयरी उत्पादों के रूप में परिवर्तन की प्रक्रिया शामिल है। उल्लेखनीय है कि करीब ५-६ सालों से दुग्ध उत्पादन में भारत का विश्व में पहला स्थान रहा है। २००८-०९ के आँकड़ों के अनुसार दूध उत्पादन का स्तर १०० मिलियन टन को पार कर गया है तथा दूध की प्रतिव्यक्ति दैनिक उप्लब्ध्ता २४५ ग्राम हो गई है। भारत वर्तमान में ७० लाख डॉलर मूल्य के दूध के बने पदार्थों का निर्यात कर रहा है। दूध की पौष्टिकता को ध्यान में रखकर इसके उत्पादन की गति को तेज करने, आधुनिक एवं परिमार्जित स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से भारत में श्वेत क्रांति एवं ऑपरेशन ऍलड कार्यक्रम चलाया गया। इससे न सिर्फ देश में दूध उत्पादन बढ़ा बल्कि किसानों को भी बहुत लाभ हुआ।

इतनी सारी उपलब्धियों के बावजूद डेयरी उद्योग के समक्ष कुछ चुनौतियाँ भी हैं। इन चुनौतियों क


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