10वीं के बाद विषय चयन कैसे करें
Publish Date: 6/17/2010
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दसवीं के बाद 11वीं में विषय चयन किसी भी विद्यार्थी के करियर निर्माण की बुनियाद माना जाता है। लेकिन सीबीएसई 10वीं में पहली बार शुरू हुई ग्रेडिंग पद्धति ने स्टूडेंट्स और पेरेन्ट्स को पेसोपेस में डाल दिया है। ए-1,ए-2, बी-1, बी-2 जैसे ग्रेडिंग से एकदम विद्यार्थी की विषय में तुलनात्मक योग्यता और दक्षता मूल्यांकित नहीं हो पाने से 11वीं विषय चयन संबंधी कठिनाई बढ़ गई है। ऐसे में विषय चयन संबंधी मनोवैज्ञानिक टेस्ट का महत्व बढ़ गया है। यह टेस्ट करियर दिशा 111, गुमास्ता नगर पर उपलब्ध है।

वैश्वीकरण, उदारीकरण और भूमंडलीकरण के वर्तमान दौर में अच्छे करियर के लिए प्रतियोगिता दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। ऐसी प्रतियोगिता के बीच सफलता इस बात पर आधारित होती है कि करियर अवसरों की डगर पर किस तरह आगे बढ़ा जा रहा है। नए दौर में युवाओं को यह बात अच्छी तरह समझनी होगी कि आज औद्योगिक व सूचना क्रांति के युग में करियर संबंधी कई विकल्प उनके सामने खुल गए हैं, जिनमें से वे अपनी पसंद का कोई क्षेत्र चुनकर काम शुरू करें तो आसानी से सफलता प्राप्त की जा सकती है। सर्वप्रथम करियर का सही चुनाव बुनियादी जरूरत के


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