वाणिज्य विषय के जो विद्यार्थी टेक्सेशन में रुचि और दक्षता रखते हैं, उनके लिए मध्यप्रदेश में कराधान सहायक (टेक्सेशन असिस्टेंट) एक अच्छा करियर विकल्प है। मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्यिक कर विभाग के अन्तर्गत कराधान सहायक के 175 रिक्त पदों हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 6 जून, 2010 को कराधान सहायक परीक्षा-2010 की लिखित परीक्षा आयोजित की जानी है। इस परीक्षा में वाणिज्य से स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण छात्र सम्मिलित हो सकते हैं। इस परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु सामान्य वर्ग हेतु न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष है। मध्यप्रदेश के मूल निवासियों हेतु अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष निर्धारित है। कराधान सहायक परीक्षा के तहत लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा। लिखित परीक्षा वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रकार की होगी। लिखित परीक्षा हेतु कुल 450 अंक निर्धारित हैं तथा साक्षात्कार हेतु 50 अंक निर्धारित हैं । इस प्रकार यह परीक्षा 500 अंकों की होगी।
यह उल्लेखनीय है कि कराधान सहायक लिखित परीक्षा में दो प्रश्त्रपत्र होंगे। प्रथम प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन का होगा जो 150 अंकों का होगा। सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र को दो खंडों खंड 'अ` तथा खंड 'ब` में विभाजित किया गया है। खंड 'अ` सामान्य अध्ययन का तथा खंड 'ब` मध्यप्रदेश के सामान्य परिचय से संबंधित होगा। दोनों खंडों हेतु 75-75 अंक निर्धारित हैं। द्वितीय प्रश्नपत्र वाणिज्य विषय का होगा जिसके लिए 300 अंक निर्धारित हैं।
सामान्य अध्ययन का प्रश्नपत्र- सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र के खंड 'अ` में सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएँ ,भारत का इतिहास एवं स्वतंत्र भारत, भारत का भूगोल एवं विश्व की सामान्य भौगोलिक जानकारी भारतीय राजनीति एवं अर्थव्यवस्था, खेलकूद, सामान्य मानसिक योग्यता तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी से संबंधित प्रश्न पूछे जाएँगे। सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र के खंड 'अ` की तैयारी हेतु भारतीय इतिहास तथा संस्कृति को तीन भागों यथा प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत तथा आधुनिक भारत में बाँटा जा सकता है। प्राचीन भारतीय इतिहास को तीन कालावधियों में विभक्त किया जा सकता है- प्रागैतिहासिक काल, आद्यैतिहासिक काल तथा ऐतिहासिक काल । प्रागैतिहासिक काल व आद्य-ऐतिहासिक काल से प्रश्न प्राय: महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों व वहाँ प्राप्त वस्तुओं पर आधारित होते हैं। ऐतिहासिक काल में मुख्यत: सामाजिक सांस्कृतिक पहलू पर ध्यान देना होता है। इसमें भी विशेष रूप से सामाजिक परिवर्तन, शिक्षा के स्रोत, कला एवं स्थापत्य तथा धार्मिक जीवन का विकास। इस अवधि के राजनीतिक इतिहास का भी अध्ययन करना चाहिए। मध्यकालीन भाग से इतिहास के साथ-साथ संस्कृति से भी प्रश्न पूछे जाते हैं । इस काल के साहित्य, चित्रकला व स्थापत्य शैली तथा तकनीकी उपलब्धियों की विस्तृत सूची बनाकर रखनी चाहिए। आधुनिक इतिहास पर विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाओं का अध्ययन आवश्यक है। भारतीय राजनीति की तैयारी में संविधान संशोधन के महत्वपूर्ण तथ्यों एवं उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का अध्ययन लाभप्रद होता है । परीक्षा में पम्परागत तथा संविधान के विकास से संबंधित दोनों तरह के कई प्रश्न पूछे जाते हैं। राजव्यवस्था के अंतर्गत मानवाधिकार, राज्य के नीति निदेशक तत्व, मूल कर्तव्य, कार्यपालिका, आर्थिक प्रक्रिया जैसे बजट (विभिन्न प्रकार के विधेयक जैसे वित्त विधेयक, धन विधेयक आदि), न्यायपालिका विशेषत: सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के अधिकार (उनके ऐतिहासिक विकास सहित), संघ व राज्यों के बीच संबंध, प्रशासनिक अधिकरण, चुनाव व चुनाव सुधार, आपातकालीन प्रावधान, संविधान संशोधन, पंचायती राज व्यवस्था इत्यादि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए इन खंडों को विशेष रूप से तैयार करें । सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण एक महत्वपूर्ण खंड है।
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र के खंड 'अ` में सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण में भौतिकी, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान तथा पर्यावरण एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाएंगे। भूगोल खंड में भूगोल से संबंधित प्रश्न होते हैं। इनमें भूकंप के बुनियादी लक्षण, दुनिया के जलवायु क्षेत्र, बंदरगाह, ज्वार-भाटा, नदियाँ, बहुउद्देशीय परियोजनाएँ, सिंचाई, फसलें आदि मुख्य होते हैं। मध्यप्रदेश की भौगोलिक जानकारी से जु़डे प्रश्न भी बहुतायात में पूछे जाते हैं। सामान्य अध्ययन का एक और महत्वपूर्ण खंड है अर्थव्यवस्था। इसके लिए प्रतियोगी को भारतीय व विश्व अर्थव्यवस्था में हुई पहल व विकास का समीक्षात्मक विश्लेषण करना चाहिए। इसके अन्तर्गत अर्थव्यवस्था की प्रकृति, पूँजी निर्माण, राष्ट्रीय आय, आय वितरण, भारत में नियोजन, भारत का विदेश व्यापार, भुगतान संतुलन, मुद्रास्फीति, भारत में बैंकिंग प्रणाली, राजकोषीय ढाँचा, संरचनात्मक सुधार, खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, औद्योगिक नीति, औद्योगिक रुग्णता तैयारी के मुख्य बिंदु हो सकते हैं। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित विभिन्न शब्दों का अर्थ तथा कम्प्यूटर के विभिन्न भागों के कार्यों, हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर की जानकारी भी बेहद जरूरी है। इस भाग की तैयारी हेतु आप बेसिक कम्प्यूटर की किताबों का सहारा भी ले सकते हैं। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाओं की तैयारी में प्रतियोगियों को चाहिए कि वे केवल राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व की राजनीतिक घटनाओं को ही इस खंड की तैयारी में शामिल न करें अपितु चर्चा में रहने वाले विभिन्न विषयों पर भी ध्यान दें।
चूँकि सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र के खंड 'ब` में मध्यप्रदेश से संबंधित 75 प्रश्न पूछे जाएँगे। अत: मध्यप्रदेश के सामान्य ज्ञान की विशेष तैयारी जरूरी है। सामान्य अध्ययन खंड (ब) के प्रश्नपत्र में मध्यप्रदेश का भूगोल, मध्यप्रदेश के प्राकृतिक संसाधन, मध्यप्रदेश में मानव संसाधन, मध्यप्रदेश में ऊर्जा संसाधन, मध्यप्रदेश में उद्योग, मध्यप्रदेश का पर्यावरण, मध्यप्रदेश की योजनाएँ एवं मूल्यांकन, मध्यप्रदेश की प्रशासनिक संरचना, मध्यप्रदेश में खेलकूद, मध्यप्रदेश की संस्कृति, साहित्य, संगीत, नृत्य, कला एवं इतिहास, मध्यप्रदेश में अनुसूचित जनजाति, मध्यप्रदेश के कार्यत्रऎम, मध्यप्रदेश की पुरातात्विक विरासत तथा मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से संबंधित प्रश्न पूछे जाएँगे।
वाणिज्य का प्रश्नपत्र - कराधान सहायक लिखित परीक्षा का द्वितीय प्रश्नपत्र वाणिज्य विषय से संबंधित है। इस प्रश्नपत्र में सैद्धांतिक लेखांकन, व्यवहारिक लेखांकन, साझेदारी लेखे, कऔपनी लेखे, लागन लेखे, अंकेक्षण, प्रबंधन, सचिवीय पद्धति, व्यावसायिक गणित, वाणिज्य के विविध आयाम (उद्यमिता की प्रकृति कार्य एवं महत्व, स्कंध विनिर्माण के कार्य एवं महत्व, बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ एवं उनके कार्य,व्यवसायिक वातावरण को प्रभावित करने वाले घटक, ई-कामर्स की विशेषताएँ, व्यवसाय में कम्प्यूटर का अनुप्रयोग आदि) तथा मूल्य वर्धित कर, केंद्रीय बिक्री कर एवं प्रवेश कर से संबंधित प्रश्न पूछे जाएँगे।
चूँकि कराधान सहायक का पद अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें बड़ी संख्या में वाणिज्य केछात्र शामिल होंगे अतएवं इस परीक्षा के दोनों प्रश्नपत्रों की सुनियोजित तैयारी जरूरी है। सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र के भाग'अ` की तैयारी हेतु सबसे पहले एनसीईआरटी की वे पुस्तकें जो 11वीं और 12वीं कक्षाओं में पाठ्यक्रम में निर्धारित हैं राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए पढ़ी जानी चाहिए। इनमें भारतीय इतिहास, भूगोल, राजनीतिक व्यवस्था, अर्थशास्त्र, आर्थिक नियोजन, संविधान और विज्ञान की पुस्तकें अत्यधिक महत्वपूर्ण अध्ययन संदर्भ हैं। सामान्य ज्ञान की ऐसी बुनियादी तैयारी के साथ-साथ प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी हेतु उपलब्ध स्तरीय मासिक पत्रिकाओं का अध्ययन आवश्यक होता है। वहीं दूसरी ओर कुछ विशिष्ट पुस्तकें भी लाभप्रद हैं । ये पुस्तकें हैं- इतिहास हेतु- प्राचीन भारत का इतिहास झा एवं श्रीमाली, मध्यकालीन भारत- डॉ. आशीर्वादी लाल, आधुनिक भारत का इतिहास- बी.एल. ग्रोवर, भारत का स्वतंत्रता संग्राम- डॉ. विपिनचंद्र। संविधान एवं राजव्यवस्था हेतु- भारत का संविधान- डी.डी.बसु । भूगोल हेतु- भारत का भूगोल- गोपालसिंह, सी.बी. मामोरिया। अर्थव्यवस्था हेतु- भारतीय अर्थव्यवस्था-दास एवं सुंदरम्, भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्र एवं पुरी । वाणिज्य के प्रश्नपत्र की तैयारी के लिए उम्मीदवार उन सभी पुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं जो उन्होंने कामर्स ग्रेजुएट होने तक प़ढ़ी हैं। इन सबके साथ-साथ मध्यप्रदेश सरकार के प्रकाशन- पंचायिका, मध्यप्रदेश संदेश, रोजगार और निर्माण तथा मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान केंद्रीत मासिक पत्रिका प्रतियोगिता निर्देशिका एवं प्रतियोगिता निर्देशिका के कराधान सहायक परीक्षा-2010 के परीक्षोपयोगी नोट्स का अध्ययन भी काफी लाभप्रद होगा ।
वे सभी युवा जो कराधान सहायक परीक्षा-2010 में चयनित होने का सपना संजो रहे हैं उन्हें चाहिए कि वे परिश्रम और आत्मविश्वास के संकल्प के साथ अच्छे अध्ययन संदर्भों का उपयोग करें। यदि उम्मीदवार समय प्रबंधन के साथ व्यवस्थित तरीके से इस परीक्षा की तैयारी कर लेते हैं तो सफलता निश्चित ही उनके कदमों में होगी।