लॉ के क्षेत्र में रोजगार के चमकीले अवसर
Publish Date: 6/11/2010
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लॉ के क्षेत्र में कॅरियर के लिहाज से आज बहुत उजली संभावनाएँ हैं। अब न्यायिक प्रक्रिया से जुडना सामाजिक ही नहीं, पैसे और रुतबे के नजरिए से भी महत्वपूर्ण हो गया है। ग्लोबलाइजेशन और उसके बाद समाज में आए सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों के बाद तो नए कानूनों के बनने में इतनी तेजी आई है कि लॉ से जुडे अच्छे विशेषज्ञों की कमी सी हो गई है। नए रोजगार सर्वेक्षण इंगति कर रहे हैं कि भारतीय लॉ ग्रेजुएट्स की माँग देश में ही नहीं दुनिया के विकसित और विकासशील देशों में भी है।

लॉ के क्षेत्र में किसी भी कॅरियर के लिए एलएल.बी. की डिग्री अनिवार्य है। गौरतलब है कि एक दशक पहले तक लॉ की शिक्षा सामान्य रूप से तीन वर्ष के एलएल.बी. कोर्स के रूप में होती थी। पहले स्नातक डिग्री के उपरांत ही लॉ की पढ़ाई की जा सकती थी। लॉ में स्नातकोत्तर (एलएलएम) की अवधि दो वर्ष की है। इसमें दाखिला लेने की न्यूनतम योग्यता एलएल.बी. की डिग्री है। पिछले कुछ समय से पाँच वर्षीय नया लॉ पाठ्यक्रम उभरकर सामने आया है। यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से बारहवीं शिक्षा पूरी कर चुके विद्यार्थियों के लिए है। वर्तमान में सामान्य विश्वविद्यालयों के साथ-


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