आर्किटेक्चर के क्षेत्र में करियर के उजले अवसर
ऊँची-ऊँची गगनचुंबी इमारतों, कलात्मक एवं भव्य मंदिरों, मल्टीप्लेक्सो, मालों आदि को देखकर सचमुच आश्चर्य होता है कि आखिर इस निर्माण कार्य को किस तरह से अंजाम दिया गया होगा। दरअसल यह कमाल है एक आर्किटेक्ट का , जिसकी योजनाओं और रणनीति पर अमल कर इस तरह के निर्माण का र्य संपन्न होते हैं। इस हुनर को आर्किटेक्टर के नाम से जाना जाता है या यूँ कहें कि आर्किटेक्टर रचनात्मक कौशल का प्रयोग कर डिजाइनिंग तथा भवन निर्माण की कला का नाम है। सामाजिक, तकनीकी और पर्यावरणीय स्थितियों को ध्यान में रखते हुए इमारतों के निर्माण तथा कला एवं विज्ञान का मिला-जुला रूप ही आर्किटेक्टर कहलाता है।
गौरतलब है कि भवन निर्माण के संबंध में लोगों की व्यावहारिक तथा अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आर्किटेक्ट की सेवाएँ लेने का चलन आज का नहीं अपितु सदियों पुराना है। एक आर्किटेक्टर केवल भवनों का खाका ही तैयार नहीं करता है, बल्कि कीमत का निर्धारण कर भवन निर्माण में अपने उम्दा कौशल का प्रदर्शन भी करता है। यह वास्तु व शिल्प का मिला-जुला रूप होता है। मूल अर्थों में आर्किटेक्ट का काम किसी आइडिया को मूर्त रूप देना और कंक्र
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