रेडियो जॉकी (आरजे) के रूप में कॅरियर के उजले अवसर
वर्तमान दौर में मनोरंजन का व्यवसाय बहुत तेज गति से प्रगति कर रहा है। मनोरंजन की इसी बढ़ती माँग के कारण देश ही नहीं मध्यप्रदेश जैसे विकासशील प्रदेश के शहरों एवं कस्बों में एफएम (फ्रिक्वेंसी माड्युलेशन) रेडियो स्टेशनों की बाढ़-सी आ गई है। इन रेडियो स्टेशनों पर अलग-अगल कार्यक्रमों के तहत चौबीस घंटे नए-पुराने गाने बजते रहते हैं। लेकिन हर कार्यक्रम का अपना एक अलग ही अंदाज होता है। उस कार्यक्रम को पेश करने वाले रेडियो जॉकी यानी आरजे कहलाते हैं।
रेडियो जॉकी एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें नाम,शोहरत और पैसा तीनों भरपूर हैं। यहाँ मौज मस्ती और ग्लैमर के साथ-साथ नाम रोशन करने का पूरा मौका मिलता है। इस क्षेत्र में मधुर आवाज और क्रिएटिव दिमाग रखने वालों की दरकार होती है। विश्व के पहले एफएम रेडियो स्टेशन डबल्यू. वन एँस. ओजे की शुरुआत अमेरिकी में हुई। साफ आवाज, अच्छा प्रसारण और सुलभ सेवा की वजह से यह लोकप्रिय होता चला गया। भारत में एफएम क्रांति की शुरुआत नऒबे के दशक में हुई। आरंभ में तो इसका प्रसारण चार महानगरों तक ही सीमित रहा परंतु वर्तमान में देश के सभी प्रमुख शहरों तथा कस्बों में निजी एफएम रे