रिटेल मैनेजमेंट में कॅरियर
Publish Date: 6/11/2010
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उदारीकरण और वैश्वीकरण के बढ़ते प्रभाव से भारतीय अर्थव्यवस्था में ऐसे कई क्षेत्र उभरकर सामने आए हैं, जिनका नाम भी हमारे लिए कुछ वर्ष पहले तक अनजाना था । इन नए उभर रहे क्षेत्रों में बड़ी-बड़ी कंपनियों के प्रवेश से इनका लगातार विकास तो हो ही रहा है, कॅरियर के लिए भी नित नए अवसर सामने आ रहे हैं । आईटी, बीपीओ, केपीओ, बायोटेक्नोलॉजी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए विशेषज्ञ रिटेलिंग को `नेक्स्ट बिग थिंग' के रूप में देख रहे हैं ।

रिटेल या खुदरा व्यापार ७२ खरब अमेरिकी डॉलर की लागत वाला दुनिया का सबसे बड़ा उद्योग है । आपको जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया का हर दसवाँ अरबपति रिटेलर है । विश्व की शीर्ष ५० कंपनियों में से २५ का संबंध रिटेल कारोबार से है । ग्राहकों की संख्या के अनुसार विश्व अर्थव्यवस्था में दूसरा स्थान रखने वाला भारत विश्व का पाँचवाँ सबसे बड़ा रिटेल डेस्टिनेशन भी है । भारत को आज घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी कंपनियाँ ऐसी सोने की खान की तरह देख रही हैं जिसमें अपार संभावनाएँ छिपी हुई हैं । भारत का कुल खुदरा व्यापार ३०० अरब रुपए के बराबर है । इतना ही नहीं, अगले पाँच


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