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मैं ऑपरेशन थियेटर तकनीशियन(टेक्नीशियन) बनना चाहता हूँ। कृपया जानकारी प्रदान करें ?जो छात्र सीधे डॉँटरी के लिए चुन लिए जाते हैं, उनकी तो बात ही अलग है लेकिन जो इसमें असफल हो जाते हैं, उनके लिए भी मेडिकल का क्षेत्र बंद नहीं होता है। ऑपरेशन थियेटर तकनीशियन के रूप में मेडिकल क्षेत्र में उज्ज्वल कॅरियर बनाया जा सकता है। ऑपरेशन थियेटर तकनीशियन ऑपरेशन टूल्स से लेकर थियेटर की सफाई तक का ध्यान रखता है। ऑपरेशन के दौरान ऑपरेशन थियेटर तकनीशियन धैर्यपूर्वक डॉँटरों की मदद करता है। वह इस बात का पूरा ध्यान रखता है कि ऑपरेशन थियेटर पूर्णरूप से बैँटीरिया रहित हो। ऑपरेशन थियेटर की समय-समय पर तकनीकी रूप से सफाई करवाने का जिऔमा भी उसका है। ऑपरेशन थियेटर तैयार करने से लेकर सँशन मशीन, ऑँसीजन, नाइट्स सिलेंडर आदि को चेक करना होता है। मरीज को डॉँटर के निर्देशानुसार अनेस्थीसिया भी देने का काम ऑपरेशन थियेटर टेँनीशियन द्वारा ही किया जाता है। बारहवीं कक्षा जीव विज्ञान समूह से उत्तीर्णविद्यार्थी किसी भी मान्यता प्राप्त् संस्थान से छह माह, एक वर्ष, दो वर्ष और तीन वर्ष तक का ऑपरेशन थियेटर टेँनीशियन का कोर्स कर सकते हैं। सरकारी व देश में तेजी से बढ़ते निजी अस्पतालों में ऑपरेशन थियेटर तकनीशियन के लिए रोजगार के काफी अवसर हैं। यहाँ काम एवं अनुभव के आधार पर वेतन ८ हजार से लेकर ३५ हजार रुपए मासिक के बीच कुछ भी हो सकता है। ऑपरेशन थियेटर टेँनीशियन का कोर्स कराने वाले प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैं- - इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा मेडिकल एंड मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, २९ए , आनंद नगर, इंद्रलोक, दिल्ली।
- जवाहरलाल नेहरू कालेज, अलीगढ़, उतरप्रदेश।
इन संस्थानों के अलावा प्रदेश और देश में कई ऑपरेशन थियेटर तकनीशियन पाठ्यक्रम संचालित करने वाले संस्थान हैं, जिनके बारे में जानकारी लेकर उपयुक्त होने पर प्रवेश लिया जा सकता है।
मैं नर्सिंग के क्षेत्र में कॅरियर बनाकर मानव सेवा का कार्य करना चाहती हूँ। कृपया जानकारी दें।मानव सेवा के साथ चिकित्सा के क्षेत्र में भी रुचि रखने वाली युवतियों के लिए नर्सिंग एक बहुत ही अच्छा कॅरियर विकल्प है। गौरतलब है कि नर्सिंग पाठ्यक्रम को तीन भागों में विभाजित किया गया है। प्राथमिक स्तर पर ऑग्जिलरी नर्स मिडवाइफ (एएनएम), द्वितीय स्तर पर जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी(जीएनएम) तथा अंत में बीएससी नर्सिंग। इनमें से एएनएम कोर्स में प्रवेश के लिए १०वीं कक्षा न्यूनतम ५० प्रतिशत अंको के साथ उतीर्ण होना आवश्यक है। जीएनएम पाठ्यक्रम १२वीं के बाद किया जा सकता है। इसमें भी ५० प्रतिशत अंको के साथ बारहवीं उतीर्ण होना आवश्यक है। कुछ नर्सिंग कॉलेज केवल जीव विज्ञान विषय की छात्राओं को ही इस कोर्स में दाखिला देते हैं, जबकि कुछ कॉलेज इसमें थोडी छूट देते हुए कला एवं वाणिज्य से संबद्ध छात्राओं को भी दाखिला देते हैं। बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम हेतु १२वीं जीव विज्ञान समूह से उतीर्ण होना आवश्यक है। चार वर्ष का यह कोर्स पूरा होने पर स्टाफ नर्स के रूप में नियुक्ति के अवसर हैं। व्यावसायिक परीक्षा मंडल, भोपाल द्वारा जनरल नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट का आयोजन मध्यप्रदेश की मूल निवासी युवतियों के लिए मध्यप्रदेश के १५ शासकीय चिकित्सालयों में चल रहे नर्सिंग प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है। जीव विज्ञान विषय से १२वीं उतीर्ण छात्राएँ इस परीक्षा में शामिल हो सकती हैं। नर्सिंग से संबंधित पाठ्यक्रम संचालित करने वाले प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैं- - कॉलेज ऑफ नर्सिंग, इंदौर।
- जिला अस्पताल, बिलासपुर।
- जया आरोग्य अस्पताल, ग्वालियर।
मैं एग्रीकल्चर में बीएससी कर रहा हूँ। एग्रीकल्चर के क्षेत्र में कॅरियर की क्या संभावनाएँ हैं ?
कृषि (एग्रीकल्चर) के क्षेत्र में कॅरियर के बहुत उजले अवसर उपलब्ध हैं। फार्मिंग, बागवानी, फूलों की खेती, डेयरी, मुर्गीपालन, मत्स्य पालन के साथ-साथ मिट्टी और पानी के प्रबंधन से पेस्ट प्रबंध और पेस्ट हार्वेस्ट टेँनोलॉजी में, कृषि-उद्योग प्रबंध आदि के क्षेत्रों में पढ़े-लिखे प्रोफेशनल की जरूरत होती है। स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर, बैंक आदि भी नौकरियाँ प्रदान करते हैं। राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा भी एग्रीकल्चर क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाते हैं। इंडियन काउंसिल फार एग्रीकल्चर, इंस्टीट्यूट, ऑफ हार्टीकल्चर रिसर्च, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड और एनजीओ ट्रेंड प्रोफेशनल्स को नौकरियाँ प्रदान करते हैं। राष्ट्रीयकृत बैंको की जो शाखाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, उनमें कृषि छात्रों हेतु रोजगार के काफढी अवसर हैं। इसके अलावा एग्री बिजनेस पैकिंग, ट्रांसपोर्टेशन, बीज, खाद, एग्री मशीनों के क्षेत्र में भी एग्रीकल्चर के छात्रों के लिए कॅरियर के काफी उजले अवसर उपलब्ध हैं।
एग्रीकल्चर इकोनॉमिस्ट के क्या कार्य होते हैं ? इस क्षेत्र में रोजगार की क्या संभावनाएँ हैं ?
हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। एग्रीकल्चर योजना का मुंय लक्ष्य है- खाद्य सुरक्षा। इस लक्ष्य को प्राप्त् करने के लिए सिर्फ खाद्य वैज्ञानिकों की ही नहीं बल्कि एग्रीकल्चर इकोनॉमिस्ट की भी जरूरत होती है, जो अर्थशास्त्र के सिद्धांतों को लागू करें ताकि कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी की जा सके। विदेशी निवेश व अर्थव्यवस्था की उदारता ने इस क्षेत्र में वृद्धि को बढ़ावा दिया है। नतीजन एग्रीकल्चर इकोनॉमिस्ट की माँग दिन- प्रतिदिन बढ़ रही है। भूमि उर्वरता निर्धारण, फसल की श्रेणी निर्धारण, मार्केटिंग और सेल्स के साथ ही फार्म मैनेजमेंट, को-ऑपरेटिव मैनेजमेंट, उपयोगिता व्यापार सेवा, थोक बिक्रढी और खुदरा बाजार के लिए मार्केटिंग रिसर्च हेतु कृषि इकोनॉमिस्ट की जरूरत होती है। कृषि मंत्रालय और इंडियन इकोनॉमिँस सर्विस इस क्षेत्र में शिक्षण और रोजगार उपलब्ध करवाते हैं। साथ ही को-ऑपरेटिव, बैंकिंग और इंश्योरेंस सेँटर, एग्रीकल्चर सेँटर के प्रायवेट फार्म, विदेशी दूतावास, एनजीओ आदि में रोजगार के अवसर प्राप्त् किए जा सकते हैं।
क्लीनिकल साइकोलॉजी में कॅरियर के क्या अवसर हैं ? कृपया यह भी बताएँ कि इस विषय में शिक्षण की सुविधा कहाँ-कहाँ उपलब्ध है ?मानव मस्तिष्क की गतिविधियों को समझने, उनकी उलझनों को सुलझाने, मनोविकार को दूर करने में क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट की अहम भूमिका होती है। मनोचिकित्सालयों के अलावा अब स्कूलों व अन्य संस्थानों में भी क्लिीनिकल साइकोलॉजिस्टों की नियुक्ति की जाने लगी है। आम आदमी को उसकी भावनात्मक उलझनों से निजात दिलाने में क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट अहम भूमिका निभाते हैं। क्लीनिकल साइकोलॉजी का पाठ्यक्रम इन संस्थानों में उपलब्ध है- - राष्ट्रीय मानसिक विकलांग संस्थान, लखनऊ।
- बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी।
चिकित्सकीय शोध के क्षेत्र में करियर बनाना चाहता हूँ । कृपया मार्गदर्शन दें।चिकित्सकीय शोध(क्लिनिकल रिसर्च) में दवाओं का व्यवस्थित तरीके से शोध होता है। जब भी कोई नई दवा बाजार में इंट्रोड्यूस होती है तो उससे पहले उसकी कई चरणों में जाँच होती है। भारत में क्लिनिकल रिसर्च प्रोफेशनल्स की भारी माँग है। यह कोर्स डॉक्टर्स, फार्मासिस्ट, बायोकेमिस्ट, बायोटेँनोलॉजिस्ट कर सकते हैं। चिकित्सकीय शोध से संबंधित पाठ्यक्रम इन संस्थानों में उपलब्ध है- - इंस्टीट्यूट ऑफ क्लिनिकल रिसर्च, मुंबई, दिल्ली, बंगलुरु।
- सेंटर फार सेल्यूलर एंड मौलिँयूलर बायोलॉजी, हैदराबाद।
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल बायोलॉजी, कोलाकाता।
- सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट, लखनऊ।
बायोमेडिकल इंजीनियरिंग क्या है? बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में रोजगार के क्या अवसर हैं तथा यह कोर्स किन संस्थानों में उपलब्ध है ?बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एक मल्टी-डिसिप्लिनरी विषय है, जिसमें आधारभूत चिकित्सा ज्ञान के साथ शारीरिक संरचना का इस तरह अध्ययन किया जाता है, ताकि मानव शरीर के क्रियाकलापों की अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त् की जा सके। शारीरिक समस्याओं का हल निकालना, दिमागी व्यवहार का आकलन करना, व्यक्तिगत क्षमता के हिसाब से जीवन परिणाम निकालना, शरीर को संतुलित करना, अपने काम को व्यवसाय के साथ जोड़ना आदि के अतिरिँत शरीर के विभिन्न अंगों की सर्जरी जैसी जानकारियाँ बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आती हैं। मेडिकल रिसर्च सेंटरों, दवा उत्पादक संस्थानों तथा अस्पतालों में मेडिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को शोधकर्ता तथा सहायक चिकित्सक के रूप में काम करने के ढेरों अवसर उपलब्ध हैं विदेशों में भी बायोमेडिकल इंजीनियरों के लिए काम के अवसरों की कोई कमी नहीं है बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए गणित या जीवविज्ञान समूह से न्यूनतम ५५ प्रतिशत अं कों से बारहवीं कक्षा उत्तीर्णहोना आवश्यक है आवेदक को संबंधित संस्थान की प्रवेश परीक्षा भी उत्तीर्णकरनी होती है बायोमेडिकल इंजीनियरिंग का कोर्स कराने वाले प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैं- - स्कूल ऑफ बायो साइंसेज एंड बायो इंजीनियरिंग, आई.आई.टी., पवई, मुंबई।वेबसाइट- www.btc.iitb.ac.in
- प्लाइवुड इंडस्ट्रीज रिसर्च इंस्टीट्यूट, तुमकुर रोड, बंगलुरू।
- आई.आई.टी., दिल्ली। वेबसाइट- www.iitd.ernet.in
- एमिटी यूनिवर्सिटी। वेबसाइट- www.amity.edu
होम साइंस विषय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर करने के उपरांत रोजगार के क्या अवसर हैं ?
होम साइंस एक विस्तृत और रोजगार संभावनाओं से युक्त अध्ययन क्षेत्र है। होम साइंस विषय से स्नातक एवं स्नातकोत्तर करने के उपरांत न केवल सरकारी, प्राइवेट नौकरियाँ हासिल की जा सकती हैं, बल्कि कई प्रकार के स्वरोजगार भी प्रारंभ किए जा सकते हैं। राज्य लोक सेवा आयोगों द्वारा समय-समय पर कई तरह की रिक्तियाँ प्रकाशित की जाती हैं जिसमें सिर्फ होम साइंस की छात्राएँ ही आवेदन कर सकती हैं। इसी प्रकार संघ लोक सेवा आयोग भी रिक्तियाँ प्रकाशित करता है जिसमें आवेदन के लिए होम साइंस की किसी भी शाखा में स्नातक व स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए। होम साइंस में आप कॅरियर के चार क्षेत्रों का अध्ययन कर सकती हैं- फूड़ एंड न्यूट्रीशन,क्लोथिंग एंड टैक्सटाइल, ह्यूमन डेवलपमेंट तथा फैमिली रिसोर्स मैनेजमेंट। इन क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करके आप इन्हीं क्षेत्रों में नियोजित हो सकती हैं। इसके अलावा आप बायोलॉजिकल केमिस्ट्री, साइकोलॉजी, हेल्थ केयर एंड हाईजीन, इकोनॉमिक्स आदि क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करके जॉब प्राप्त् कर सकती हैं। होम साइंस की पढ़ाई के बाद बहुत-सी युवतियाँ गृह विज्ञान पर आधारित लघु उद्योग की शुरुआत करके अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।
कैमोइंफार्मेटिक्स संख्या है ? इस क्षेत्र में कॅरियर की संख्या संभावनाएँ हैं ?कैमोइंफार्मेटिक्स के अंतर्गत रासायनिक सूचनाओं का संग्रहण, प्रबंधन, विश्लेषण एवं उनके समाधान संबंधी कार्य आते हैं। कैमोइंफार्मेटिक्स का सबसे ज्यादा उपयोग दवा बनाने वाली कंपनियाँ दवाओं की खोज में करती हैं। आने वाले समय में इस विषय का महत्व और अधिक बढ़ने की संभावना है। विगत कुछ समय से इस क्षेत्र में ढेरों संभावनाएँ उत्पन्न हो गई हैं। खासतौर पर फार्मास्यूटिकल, एग्रोकैमिकल एवं बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में प्रशिक्षित लोगों की भारी कमी महसूस की जा रही है। कैमोइंफार्मेटिक्स में कोर्स करने के उपरांत कैमोइंफार्मेटिक्स साइंटिस्ट, कैमिकल डाटा साइंटिस्ट, सीनियर इंफार्मेशन एनालिस्ट, इंफोर्मेशनल ऑफिसर, डाटा ऑफिसर, सपोर्ट एनालिस्ट, बिजनेस एनालिस्ट के रूप में कॅरियर बनाया जा सकता है। रसायन विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित होने के कारण इसके पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के लिए छात्रों को रसायन विज्ञान में कम से कम बी.एससी. उतीर्ण होना चाहिए तभी कैमोइंफार्मेटिक्स के एम.एस.सी. पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलता है। एम.एस.सी. दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसके उपरांत रिसर्च एवं एकेडमिक फढील्ड में जाने का मार्ग प्रशस्त होता है। अधिकांश संस्थान स्नातक के पश्चात एक वर्षीय डिप्लोमा एवं पीजी डिप्लोमा जैसे कोर्स भी करवाते हैं, जिसकी अवधि एक से लेकर ड़े वर्ष तक होती है। कैमोइंफार्मेटिक्स का कोर्स इन संस्थानों में उपलब्ध है- - मालाबार क्रिश्चियन कॉ लेज, कोझिकोड । वेबसाइट- www.mcccalicut.org
- जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय। वेबसाइट- www.jamiahamdard.ac.in
- इंस्टीट्यूट ऑफ कैमोइंफार्मेटिँस स्टडीज। वेबसाइट- www.cheminformaticscenter.org
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