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भारतीय स्टेट बैंक के सहयोगी बैंकों में प्रोबेशनरी अधिकारियों के 1717 रिक्त पदों की भर्ती, इलाहाबाद बैंक में लिपिकीय संवर्ग के 990 पदों की भर्ती हेतु फरवरी-मार्च 2010 में होने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं हेतु अतिमहत्वपूर्ण परीक्षोपयोगी अध्ययन सामग्री।


लिपिक भर्ती परीक्षा-२००९

भारत में जैसे-जैसे विदेशी बैंक अपने कदम आगे ब़ढ़ा रही हैं, वैसे-वैसे भारतीय बैंकों में लिपिकीय संवर्ग पद का महत्व ब़ढता जा रहा है। निश्चित रूप से बैंक लिपिकों के समक्ष प्रतिस्पर्धा की चुनौतियाँ बडीं हैं, लेकिन उनके वेतन इतने आकर्षक हो गए हैं, जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। अनेक बैंकों द्वारा बैंक लिपिकीय पद की अनेक रिक्तियाँ लगातार विज्ञाप्ति की जा रही हैं, जो युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनती जा रही हैं। वर्तमान समय में राष्ट्रीयकृत और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लिपिक बनना करियर का अच्छा विकल्प है। किंतु जहाँ एक ओर बैंक लिपिक का पद अच्छा करियर प्रदान करता है वहीं दूसरी ओर इसमें सफलता के लिए कठिन परिश्रम और उचित मार्गदर्शन भी बहुत आवश्यक है। विभिन्न बैंकों में लिपिकीय संवर्ग के पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन वर्ष में कई बार प्रकाशित होते हैं और विभिन्न बैंकों द्वारा अलग-अलग चयन परीक्षाएँ आयोजित की जाती हैं। गौरतलब है कि भारतीय स्टेट बैंक में लिपिकीय संवर्ग की ११ हजार रिक्तियों की भर्ती हेतु नवंबर २००९ में लिखित परीक्षा का आयोजन किया जाना है।

समय प्रबंधन सफलता का आधार- यदि आप बैंक लिपिक संवर्ग भर्ती परीक्षा में बैठ रहे हैं तो ध्यान रखें कि परीक्षा में प्रश्नपत्र हल करने हेतु निर्धारित समय के अनुरूप ही अपने समय का प्रबंधन करें। यदि आप किसी प्रश्नावली के सभी प्रश्न इस तय किए गए समय में नहीं हल कर पाते हैं तो भी उन्हें छोड़कर दूसरी प्रश्नावली हल कीजिए। बचे हुए प्रश्न को आप अन्य प्रश्नावलियाँ हल करने के बाद, यदि समय मिलता है, तो हल कर सकते हैं। चूँकि लिखित परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न होते हैं अतएव वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की तैयारी पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ऐसे प्रश्न स्कूल और कॉलेज परीक्षाओं से अलग होते हैं। वस्तुनिष्ठ प्रश्न हल करते समय यदि आपको कोई प्रश्न कठिन लगता है तो उसे छोड़कर आगे ब़ढ़ जाना चाहिए। बीच-बीच में कुछ प्रश्न ऐसे भी दिए जाते हैं जिससे परीक्षार्थी हल करते समय दुविधापूर्ण स्थिति में आ जाएँ इसलिए ऐसी स्थिति में उन्हें छोड़ना ही आपके हित में होगा। अन्यथा ये प्रश्न आपका बहुमूल्य समय नष्ट कर देंगे तथा आगे के प्रश्नों को हल करने हेतु समय की कमी पड़ जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रथम प्रयास में ही शीघ्रतापूर्वक बिना त्रुटि के जोड़, घटाव, गुणा, भाग आदि करने की दक्षता में समर्थ रहने वालों को पहचानने हेतु थोड़े कठिन प्रश्नों का भी इस परीक्षा में समावेश किया जाता है ।

निरंतर अम्यास एवं अच्छे अध्ययन संदर्भ जरूरी- बैंक लिपिक संवर्ग परीक्षा में सफल होने के लिए सुनियोजित तैयारी एवं कड़ी मेहनत की दरकार है। इस परीक्षा में वे छात्र बड़ी आसानी से सफलता प्राप्त कर सकते हैं जो एक रणनीति बनाकर निरंतर प्रयास करते हैं। इस परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी है कि तैयारी के अच्छे संदर्भ, पिछले वर्षों के हल प्रश्नपत्र और श्रेष्ठतम पुस्तकों व प्रतियोगिता परीक्षाओं की प्रतिष्ठित मासिक पत्रिकाओं का नियमित अध्ययन किया जाए। प्रतियोगिता निर्देशिका इस हेतु महत्वपूर्ण अध्ययन संदर्भ हैं।

गणितीय अभियोग्ता के प्रश्नों हेतु सटीकता एवं गति जरूरी- गणितीय एवं संख्यात्मक अभियोग्यता के प्रश्न जैसे संगणन, तकर्संगतता, सारणियों एवं आलेखों से निष्कर्ष निकालने आदि आपकी गति एवं सटीकता की जाँच के लिए होते हैं। इस खंड में आपको प्रत्येक प्रश्न को सावधानीपूर्वक प़ढना और हल करना चाहिए। इस खंड की तैयारी के लिए सबसे पहले छठी से दसवीं तक की एनसीईआरटी की गणित की किताबें तथा एम. टायरा तथा गुहा द्वारा लिखी पुस्तकें कँवांटीटेटिव एप्टीट्यूट काफी उपयोगी हैं।

तर्कशक्ति परीक्षण के प्रश्नों में जल्दबाजी न करें- तर्कशक्ति से संबंधित प्रश्न यह जाँचने के लिए होते हैं कि आप कितनी अच्छी तरह से सोच एवं समझ सकते हैं। इसके अन्तर्गत तर्कशक्ति के विभिन्न प्रश्न पूछे जाते हैं जो आंशिक रूप से वर्बल एंड नॉन वर्बल होते हैं। इन प्रश्नों की तैयारी हेतु आवश्यक है कि निरंतर प्रयास किया जाए। बारंबार प्रयास से ही त्रुटियों की संभावना कम हो जाती है तथा आत्मविश्वास ब़ता है। तर्कशक्ति परीक्षण के प्रश्नों को सोच-समझकर हल करें तथा इन प्रश्नों में जल्दबाजी कतई न करें। दो बार उत्तर चेक करके उत्तर पुस्तिका में मार्क करें। परीक्षार्थियों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि त्रुटिपूर्ण उत्तर के लिए ऋणात्मक मूल्यांकन किया जाता है अत: अपने उत्तर को मार्क करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

इंग्लिश लैंग्वेज में ग्रामर पर विशेष जोर दें- इंग्लिश के प्रश्नों का प्रयोजन आपके इंग्लिश लैंग्वेज की परीक्षा करना है । इंग्लिश में पूछे जाने वाले प्रश्नों में कम्प्रीहेंशन, एंटोनिम एवं सिनोनिम, सामान्य अशुद्धि, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, सेन्टेन्स फार्मेशन इत्यादि हैं। इस प्रकार के प्रश्नों को हल करने का सबसे अच्छा उपाय है इंग्लिश ग्रामर की अच्छी तैयारी और इंग्लिश के शब्दों पर विशेष पकड़ बनाना। इसकी तैयारी के लिए हरिमोहन प्रसाद और उषा रानी सिन्हा द्वारा लिखित पुस्तक ऑब्जेँटिव इंग्लिश फॉर कॉम्पीटेटिव एँजामिनेशन तथा नारमन लुईस की पुस्तक का सहारा लिया जा सकता है।

बैंक लिपिक परीक्षा में कम्प्यूटर से जुडे प्रश्नों की तैयारी के लिए कम्प्यूटर के बेसिक पार्ट एवं फंक्शन्स का अच्छे से अध्ययन करें। कम्प्यूटर के प्रश्नों में बहुत अच्छे अंक प्राप्त् किए जा सकते हैं। अत: इस खंड को हल्के से न लें। विपणन से जुडे प्रश्नों की तैयारी के लिए विपणन ज्ञान से संबंधित स्तरीय पुस्तकों का अध्ययन करें तथा विपणन के प्रमुख नियमों को अच्छे से याद कर लें।

सामान्य सचेतता के प्रश्नों को शीघ्रता से हल करें- सामान्य सचेतता के प्रश्नों का उद्देश्य इस बात की जाँच करना है कि परीक्षार्थी में सामान्य सचेतना का स्तर कितना है। समाज, देश और विश्व से जुडी प्रमुख घटनाओं के प्रति परीक्षार्थी की जागरूकता का पता इसी खंड से लगाया जाता है। सामान्य सचेतता में जहाँ पिछले कुछ समय में घटित हुई घटनाओं का अध्ययन आवश्यक है वहीं इस खंड में भारतीय भूगोल, भारतीय इतिहास, भारतीय कला एवं संस्कृति, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम तथा भारतीय संविधान संबंधी प्रश्न भी पूछे जाते हैं। हाल के दिनों में बैंकिंग क्षेत्र से जु़डे समसामयिक प्रश्न भी इस खंड में बड़ी संख्या में पूछे जाने लगे हैं। बहुत बार परीक्षार्थी सामान्य सचेतता से संबंधित प्रश्नों की तैयारी हेतु पर्याप्त समय नहीं देते जो कि उनके लिए हानिकारक सिद्ध होता है। सामान्य सचेतता के प्रश्न बहुत कम समय में हल किए जा सकते हैं इसलिए इनका बहुत ज्यादा महत्व है। यदि इन प्रश्नों को शीघ्रता से हल कर लिया जाए तो शेष समय को कठिन प्रश्नों को हल करने में लगाया जा सकता है। इन प्रश्नों की तैयार हेतु बाजार में उपलब्ध सामान्य ज्ञान की स्तरीय पुस्तकों का अध्ययन उपयोगी है।

चूँकि इस बार बैंक द्वारा बहुत बड़ी मात्रा में लिपिकीय संवर्ग के पद विज्ञिप्त् किए गए हैं इसलिए इस हेतु होने वाली लिपिक भर्ती परीक्षा में यदि कड़ी मेहनत एवं परिश्रम किया जाए, अच्छे अध्ययन संदर्भों का नियमित अध्ययन किया जाए और समय का उचित प्रबंधन किया जाए तो निश्चित ही आप इस परीक्षा में सफल हो जाएँगे।

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बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर के रूप में कैरियर

राष्ट्रीयकृत और सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर के रूप में कैरियर निर्माण वेतन और कार्य की प्रकृति दोनों दृष्टिकोणों से प्रतिष्ठापूर्ण है । इन दिनों चाहे बैंकों में क्लर्क के पदों के लिए रिक्ति्याँ यदा-कदा देखने को मिल रही हैं, लेकिन बैंक प्रोबेशनरी अधिकारियों के पद आए दिन बड़ी संप्या में विज्ञापित किए जा रहे हैं । यही कारण है कि बैंक अधिकारी बनने के लिए पहले की तुलना में अधिक संप्या में युवाओं का आकर्षण बढ़ता जा रहा है । निश्चित रूप से बैंक अधिकारी पद पर भर्ती अच्छे कैरियर का अवसर प्रदान करती हैं । अपने अनुभव और कार्य कौशल से अधिकारी शीर्ष प्रबंधन के स्तर तक पहुँच सकता है । ऐसा सपना सच करने के लिए सही मार्गदर्शन और जागरुकता की आवश्कयता होती है ।

उम्र और शैक्षणिक योग्यता- सार्वजनिक और राष्ट्रीयकृत बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर पद के लिए २१ से ३० वर्ष तक की आयु सीमा निर्धारित है । न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक डिग्री है । बी.ए., बी. काम. और बी.एससी. के अलावा प्रबंध, कृषि और इंजीनियरिंग ग्रेजुएट भी बड़ी संप्या में बैंक अधिकारी परीक्षा में शामिल होते हैं । इन पदों के लिए रोजगार समाचार और अखिल भारतीय स्तर के समाचार पत्रों में विज्ञापन आते रहते हैं । यह उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न बैंकों के द्वारा अपनी आवश्यकता के अनुरूप बैंक प्रोबेशनरी आफिसरों के पद विज्ञापित किए जाते हैं । सभी बैंकों में इस वर्ग के लिए जो परीक्षा आयोजित की जाती है वह लगभग एक ही प्रकार की होती है ।

परीक्षा एवं चयन प्रक्रिया- बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर परीक्षा एवं चयन प्रक्रिया के दो चरण होते हैं- पहले चरण में अदयर्थियों को एक वस्तुपरक लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाता है । प्रश्न-पत्र हिंदी और अंग्रेजी में होते हैं । इस स्टेज की लिखित परीक्षा में तर्कसंगतता परीक्षा , संप्यात्मक अभिवृइिा, सामान्य सचेतता तथा अंग्रेजी भाषा समलित किए गए हैं । प्रथम चरण में योग्यताक्रमानुसार क्वालीफाई करने वाले अदयर्थियों को द्वितीय चरण की वर्णनात्मक परीक्षा (लिखित परीक्षा, अभिवृइिा एवं अन्य योग्यताओं की पहचान, सामूहिक परिचर्चा तथा साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता हैं । वर्णनात्मक परीक्षा भी अदयर्थी के विकल्प के अनुसार हिंदी या अंग्रेजी में होती है । प्रश्नों की संप्या और समय सीमा- वस्तुनिष्ठ प्रकार की पहले चरण वाली परीक्षा में सामान्यतया विभिन्न विषयों की प्रश्नावलियों में कुल २२५ प्रश्न होते है । जिनके लिए दो घंटे पंद्रह मिनट का समय दिया जाता है । प्रत्येक प्रश्नावली मंे प्रश्नों की संप्या तथा प्रत्येक प्रश्नावली को हल करने के लिए प्रस्तावित अनुमानित समय नीचे दिया गया है ।

प्रश्नावली प्रश्न संप्या अनुमानित समय
सामान्य सचेतता की प्रश्नावली ५० २५ मिनट
अंग्रेजी भाषा की प्रश्नावली ५० ३० मिनट
संप्यात्मक अभिवृइिा की प्रश्नावली ५० ३० मिनट
तर्कसंगतता प्रश्नावली ७५ ५० मिनट
कुल प्रश्न संप्या २२५ १३५ मिनट

गौरतलब है कि परीक्षा देते समय इसी के अनुरूप समय निर्धारित किया जाना चाहिए । यदि आप किसी प्रश्नावली के सभी प्रश्न इस तय किए गए समय में नहीं हल कर पाते हैं तो भी उन्हें छोड़कर दूसरी प्रश्नावली हल करिए । बचे हुए प्रश्नों को आप अन्य प्रश्नावलियाँ हल करने के बाद, यदि समय मिलता है, तो हल कर सकते हैं । चूँकि पहले चरण की लिखित परीक्षा में वस्तुपरक प्रकार के प्रश्न-पत्र होते हैं अतएव वस्तुपरक परीक्षाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ऐसे प्रश्न स्कूल और कॉलेज परीक्षाओं से अलग होते हैं । वस्तुनिष्ठ प्रश्न हल करते समय यदि आपको कोई प्रश्न कठिन लगता है तो उसे छोड़कर आगे बढ़ जाना चाहिए । बीच-बीच में कुछ प्रश्न ऐसे दिए जाते हैं जिससे परीक्षार्थी हल करते समय दुविधापूर्ण स्थिति में आ जाए इसलिए ऐसी स्थिति में उन्हें छोड़ना ही आपके हित में होगा । इन वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं में कुछ प्रश्न ऐसे रहते हैं कि जिनका उइार देना मुश्किल होता है । उल्लेखनीय है कि प्रथम प्रयास में ही शीघ्रतापूर्वक बिना त्रुटि के जोड़-गुणा-भाग करने की दक्षता आदि में समर्थ रहने वालों को पहचान लेने के लिए थोड़े कठिन प्रश्नों का भी चयन किया जाता है ।

कैसे करें तैयारी- बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर परीक्षा में सफलता के लिए वस्तुनिष्ठ परीक्षा, वर्णनात्मक परीक्षा, समूह चर्चा तथा इंटरव्यू के लिए सुनियोजित तैयारी जरूरी है । विभिन्न प्रकार के प्रश्नों की तैयारी के लिए अच्छे से अच्छे संदर्भ, पिछले वर्षों के हल प्रश्नपत्र और श्रेष्ठइाम पुस्तकों व प्रतियोगिता परीक्षाओं की मासिक पत्रिकाओं का उपयोग अवश्य किया जाना चाहिए ।

सामान्य सचेतता की परीक्षा- यह परीक्षा इस बात की जांच करती है कि परीक्षार्थी में सामान्य ज्ञान का स्तर कितना है । समाज, देश और विश्व से जु़डी प्रमुख घटनाओं के प्रति परीक्षार्थी की जागरूकता का पता इसी परीक्षा से लगाया जाता है । सामान्य सचेतता में प्राय: सामान्य ज्ञान के प्रश्नों के साथ पिछले कुछ समय में हुई घटनाओं पर भी प्रश्न पूछे जाते हैं । इसके लिए यह बहुत जरूरी है कि पूरे नवीनतम घटनाक्रम पर नजर रखी जाए । इस विषय की तैयारी के लिए समाचार पत्र दैनिक भास्कर, प्रतियोगिता निर्देशिका, कॉड्टपीटिशन सक्सेस रिव्यू तथा प्रतियोगिता दर्पण जैसी पत्रिकाएँ उपयोगी हैं ।

सामान्य सचेतता की परीक्षा- यह परीक्षा इस बात की जांच करती है कि परीक्षार्थी में सामान्य ज्ञान का स्तर कितना है । समाज, देश और विश्व से जु़डी प्रमुख घटनाओं के प्रति परीक्षार्थी की जागरूकता का पता इसी परीक्षा से लगाया जाता है । सामान्य सचेतता में प्राय: सामान्य ज्ञान के प्रश्नों के साथ पिछले कुछ समय में हुई घटनाओं पर भी प्रश्न पूछे जाते हैं । इसके लिए यह बहुत जरूरी है कि पूरे नवीनतम घटनाक्रम पर नजर रखी जाए । इस विषय की तैयारी के लिए समाचार पत्र दैनिक भास्कर, प्रतियोगिता निर्देशिका, कॉड्टपीटिशन सक्सेस रिव्यू तथा प्रतियोगिता दर्पण जैसी पत्रिकाएँ उपयोगी हैं ।

अंग्रेजी भाषा की परीक्षा- इस परीक्षा का प्रयोजन है- अंग्रेजी भाषा ज्ञान की परीक्षा करना । व्याकरण, शख्रदावली, वाक्यपूर्ण करना, समानार्थी, विरुद्धार्थी, अनुच्छेद की समझ आदि संबंधी प्रश्नों से अंग्रेजी भाषा संबंधी ज्ञान की परीक्षा की जाती है । इसके लिए हरिमोहन प्रसाद और ऊषा रानी सिन्हा द्वारा लिखित पुस्तक ऑख्रजेकटिव इंग्लिश फॉर कॉड्टपीटेटिव एक्जामिनेशन तथा नारमन लुईस की पुस्तक का सहारा ले सकते हैं ।

संप्यात्मक अभिवृइिा की परीक्षा- यह परीक्षा संप्यात्मक गणनाओं, जैसे संगणन, संप्यात्मक, तर्कसंगतता, सारणियों एवं ग्राफों का निष्कर्ष निकालना आदि में गति एवं शुद्धता की जाँच के लिए है । तैयारी हेतु सबसे पहले छठी से १० वीं तक की एन.सी.ई.आर.टी. की गणित की किताबें पढ़ें । एम. तायरा तथा गुहा द्वारा लिखी पुस्तकें क्वानटेटीव एप्टीट्यूड काफी सहायक सिद्ध हैं ।

तर्कसंगतता की परीक्षा- यह परीक्षा यह देखने के लिए है कि आप कितनी अच्छी तरह तर्कों के साथ सोच सकते हैं । इसमें तर्क शक्ति् के विभिन्न प्रकार के प्रश्न होते हैं । तर्क शक्ति् की परीक्षा परीक्षार्थी के सोच का आकलन करती है । तर्क शक्ति् के विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के बार-बार अदयास से ही आत्मविश्वास आता है । इसकी तैयारी के लिए बी.एस.सी. प्रकाशन की एम.के. पांडे द्वारा लिखी पुस्तक टेस्ट ऑफ रिजनिंग आदि का अध्ययन उपयोगी है ।

अदयर्थियों के लिए यह ध्यान देना अति महत्वपूर्ण है कि त्रुटि पूर्ण उइारों के लिए नेगेटिव मार्किंग किया जाता है । इसलिए अपने उइारों को मार्क करते समय सावधानी बरतनी चाहिए । यह ध्यान रहे कि एक अंक से भी कम अंतर में चयन रुख जाता है । यदि अगर आपको कोई प्रश्न का उइार नहीं आता है और आप उसे खाली छोड़ देते हैं तो इसके लिए आपके अंकों की कटौती नहीं की जाती हैं । अत: उइार देते समय आपकों अत्यंत सावधान रहना चाहिए । वर्णनात्मक शैली के प्रश्नों के उइार देते समय कुछ बातें याद रखनी चाहिए । ये हैं- सबसे पहले अपने भावों को तर्क के साथ क्रमबद्ध करके प्रस्तुत करना, आवश्यकता से अधिक नहीं लिखना एवं प्रश्नों का स्पष्ट उइार देना । यह कोशिश करनी चाहिए कि सरल शख्रदों का प्रयोग करें एवं छोटे-छोटे वाक्यों में अपने तर्कों को प्रस्तुत करें । यदि इन बातों को ध्यान में रखकर बैंक प्रोबेशनरी अधिकारी परीक्षा की तैयारी की जाएगी, तो सफलता के मार्ग पर कदम आगे बढ़ जाएंगे । हर परिश्रमी और प्रतिभाशाली छात्र को अच्छे कैरियर के रूप में बैंक प्रोबेशनरी अधिकारी बनने का विकल्प भी रखना चाहिए ।

बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा हेतु नोट्स 500 रुपए