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मैं विज्ञापन (एडवरटाइजिंग) के क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहता/चाहती हूँ । मार्गदर्शन प्रदान करें ।

वर्तमान युग विज्ञापन का युग है। बाजारों में बढ़ते अपने उत्पादों को लोकप्रिय बनाने के लिए रणनीतिबद्ध विज्ञापन की आवश्यकता के मद्देनजर विज्ञापन पाठ्यक्रमों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के रूप में परिवर्तित कर दिया है। विज्ञापन पाठ्यक्रमों के बाद कॅरियर के रास्ते पर अच्छे अवसर निर्मित हो जाते हैं। मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों में भी विज्ञापन के पाठ्यक्रम छात्रों के लिए उपलब्ध हैं, जो सामान्यत: स्नातक उपाधि धारको के लिए हैं। विज्ञापन से जुडे प्रमुख पाठ्यक्रम इन संस्थानों में उपलब्ध हैं-
  • देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर।
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद।
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली।
  • कालका विश्वविद्यालय, कोलकाता।
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मैं पैकेजिंग टेक्नोलॉजी में कॅरियर बनाना चाहता हूँ। कृपया मार्गदर्शन दें।

रैपिंग, बॉँसिंग, बॉटलिंग आदि सभी पैकेजिंग के ही रूप हैं। आज विज्ञापन तथा उपभोक्तढावाद के युग में पैकेजिंग का बड़ा महत्व है। यही कारण है कि आज पैकेजिंग कॅरियर का महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाने लगा है। इस क्षेत्र में असीमित संभावनाएँ हैं। आज पैकेजिंग को संरक्षण, वितरण तथा मार्केटिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग टेक्नोलॉजी , मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, नई दिल्ली द्वारा पैकेजिंग टेक्नोलॉजी में २ वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम कराया जाता है।
रंगमंच और दृश्य कलाओं का प्रशिक्षण देने वाले प्रमुख संस्थानों की जानकारी दें ।

रंगमंच एवं दृश्य कलाओं से संबंधित प्रमुख संस्थान हैं- फिल्म और टेलीविजन संस्थान, पुणे, राष्ट्रीय नाट्य कला अकादमी, नई दिल्ली, भारतेंद्र नाट्य कला अकादमी,ए-२५८, विशाल खंड-२ गोमती नगर, लखनऊ, नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स, मुंबई ।
मैं डिटेक्टिव (जासूस) बनना चाहता हूँ। कृपया मार्गदर्शन दें ?

जासूसी का क्षेत्र रोमांचक होने के साथ ही साथ खतरों से भी भरा होता है। यह कार्य इतना सहज व आसान नहीं है, जितना कि दिखाई देता है। डिटेक्टिव को मुंयत: तीन प्रकार के कार्य करने पड़ते हैं- निगरानी- इसमें किसी व्यक्ति पर निश्चित समय सीमा तक निगाह रखनी पड़ती है। उसकी गतिविधियों के आधार पर मुवँकिल की जरूरत पूरी करनी पड़ती है। इसमें पति,पत्नी के मामले, दहेज संबंधी शिकायतें या फिर बच्चों की देखभाल संबंधी कार्य आते हैं। छानबीन-इसके तहत कोई भी डिटेँक्टिव संबंधित व्यक्ति के पास जाकर उससे बातचीत कर वांछित सूचनाएँ प्राप्त् करता है। पैठ बनाना- यह कार्य काफी जटिल होता है। इसमें किसी संस्थान में बतौर कर्मचारी प्रवेश करना, सबसे घुलना-मिलना और समस्या तथा उसके मूल कारण का पता लगाना होता है। कोई भी व्यक्ति सफल डिटेँक्टिव तभी बन सकता है जब उसमें जोखिम उठाने का माद्दा हो। वह अपनी पहचान छुपाए रखने में माहिर हो। इसके अलावा वह शीघ्र निर्णय लेने में सक्षम हो, आत्मविश्वास से भरपूर हो, दृढ़ इच्छाशक्ति रखता हो तथा हर चुनौती का सामना करने को तैयार हो। यदि उम्मीदवार की फोरेंसिक विज्ञान की पृष्ठ भूमि हो तो वह उसकी अतिरिक्त योग्यता मानी जाएगी। इस क्षेत्र से संबंधित कोर्स कराने वाले प्रमुख संस्थानों में प्रवेश बारहवीं के उपरांत लिया जा सकता है। देश में डिटेँक्टिव की ट्रेनिंग देने वाले सरकारी संस्थानों का अभाव है। डिटेँक्टिव से संबंधित पाठ्यक्रम संचालित करने वाले प्रमुख निजी संस्थान इस प्रकार हैं-
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रायवेट इन्वेस्टीगेशन, एस-२, पैराडाइज प्लाजा, अलकनंदा कमर्शियल कोऑपरेप्लेँस, नई दिल्ली।
  • केनेडियन एकेडमी ऑफ प्रायवेट इन्वेस्टीगेशन, नई दिल्ली।
  • इंडियन काउंसिल ऑफ कार्पोरेट इन्वेस्टीगेटर, नई दिल्ली।
  • बॉम्बे इंटेलीजेंस सिँयोरिटी इंडिया लिमिटेड, १०१ ओमेगा हाउस, हीरानंदानी गार्डन, पवई, मुंबई।
वेडिंग प्लानर के रूप में कॅरियर के क्या अवसर हैं ?

विगत कुछ वर्षों से विवाह समारोह का स्वरूप पूर्णत: बदल गया है। वर्तमान में विवाह सामाजिक संस्कढार के साथ-साथ प्रतिष्ठा का विषय भी बन गया है। विवाह समारोह चाहे मध्यवर्गीय परिवार का हो या उच्च वर्ग का, हर कोई अपनी हैसियत के अनुरूप उसे यादगार बनाना चाहता है। विवाह समारोह की सजावट, पंडाल और खाना न केवल आज जीवन शैली का पैमाना बन गया है बल्कि स्टेटस सिऔबल का परिचायक भी हो गया है। अगर कहें कि अब शादी का समारोह प्रोफेशनल हो गया है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। ऐसी स्थिति में विवाह समारोह के योजनाकार अर्थात वेडिंग प्लानर की जरूरत व भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। यही कारण है कि आज वेडिंग प्लानर के काम को बड़े पैमाने पर कॅरियर के रूप में अपनाया जा रहा है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, वेडिंग प्लानर न सिर्फ विवाह समारोह के आयोजन की पूरी योजना बनाता है वरन उस योजना को खास रूपरेखा प्रदान कर अंतिम रूप भी देता है। चूँकि वर्तमान में लोगों के पास समय की भारी कमी है और महत्वाकढांक्षाएँ ज्यादा, इसके चलते वेडिंग प्लानर की माँग दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। आज हर कोई बिना तनाव लिए बेहतरीन व्यवस्था चाहता है और इसके लिए व्यावसायिक लोगों की सेवाएँ लेना पसंद करता है। वेडिंग प्लानर का पाठ्यक्रम करने हेतु शैक्षणिक योग्यता बारहवीं उत्तीर्णहै। वेडिंग प्लानर के रूप में कॅरियर बनाने के लिए व्यक्तिगत गुणों की बात की जाए तो व्यक्ति के अंदर कल्पनाशीलता व ग्राहको की जरूरत को समझने की काबिलियत होनी चाहिए। इस व्यवसाय में आय की कोई सीमा नहीं है। अगर काम चल पड़ा और आप ग्राहको को संतुष्ट करने में सफल रहे तो हजारों नहीं लाखों में आमदनी होती है। इसमें उम्र की भी कोई बाध्यता नहीं है। ईवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में डिग्रीधारी उम्मीदवार भी इस क्षेत्र में अच्छा कॅरियर बना सकते हैं। वेडिंग प्लानिंग /इवेंट मैनेजमेंट का कोर्स इन संस्थानों में उप्लब्ध है-
  • इंस्टीट्यूट ऑफ वेडिंग प्लानिंग,आईएएमएस, आईएफजेडी, नोएडा।
  • यूनिवर्सिटी ऑफ पुणे, गणेशखिंद, पुणे ।
  • देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर ।
  • नेशनल स्कूल ऑफ इवेंट, इंदौर ।
मानचित्र कला के एकवर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम की सुविधा कहाँ उप्लब्ध है ?

मानचित्र कला के एकवर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम की सुविधा जामिया मिलिया इस्लामिया, जामिया नगर, नई दिल्ली, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद में उप्लब्ध है।
मैं टूरिस्ट गाइड बनना चाहता हूँ । कृपया जानकारी प्रदान करें ?

लोगों के घूमने-फिरने के बढ़ते शौक ने पर्यटन उद्योग को विस्तृत आकाश दे दिया है। यही कारण है कि टूरिस्ट गाइड के रूप में युवाओं के सामने कॅरियर का अच्छा विकल्प मौजूद है। किसी भी देश की सामाजिक, सांस्कृतिक परंपराओं से पर्यटको को अवगत कराने में टूरिस्ट गाइड की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यही वो कारण है जिसके चलते आज टूरिस्ट गाइड एक आकर्षक कॅरियर विकल्प के तौर पर अपनी जगह बना चुका है। किसी भी योग्य गाइड को संबंधित देश, राज्य या क्षेत्र की भौगोलिक जानकारी के साथ-साथ सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन संबंधी जानकारी होना बहुत जरूरी है। हिन्दी और अंग्रेजी भाषा के साथ-साथ गाइड के लिए संबंधित क्षेत्र की भाषा में भी दक्षता जरूरी है। इसके अलावा विदेशी भाषाओं जैसे- फ्रेंच, इटेलियन, जापानी आदि पर भी अच्छी पकड़ हो तो कहना ही क्या। विभिन्न भाषाओं के माहिर छात्रों को पर्यटन स्थलों के गाइड के रूप में आकर्षक वेतन पर रोजगार मिलने में बहुत आसानी होती है। अगर किसी गाइड को विभिन्न देशों और राज्यों की ऍलाइट, बस सेवा और रेल सेवा संबंधी जानकारी भी हो तो इस क्षेत्र में उसकी पैठ और गहरी हो जाती है। एक टूरिस्ट गाइड के रूप में कोई भी व्यक्ति किसी ट्रैवल एजेंसी या बड़े-बड़े होटलों के साथ जुड सकता है। इसके अलावा वह स्वतंत्र रूप से भी ट्ररिस्ट गाइड का काम कर सकता है। लेकिन इसके लिए आपको भारतीय पर्यटन और ट्रैवल विभाग से टूरिस्ट गाइड का लाइसेंस लेना होगा। लाइसेंस प्राप्त् करने के लिए भारतीय पर्यटन और ट्रैवल विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा को पास करना जरूरी होता है। टूरिस्ट गाइड का कोर्स कराने वाले प्रमुख संस्थान हैं-
  • भारतीय पर्यटन और यात्रा प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर।
  • जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, न्यू महरौली रोड, नई दिल्ली।
  • दिल्ली पर्यटन और यात्रा प्रबंधन संस्थान, चाणँयपुरी, नई दिल्ली।
मध्यप्रदेश के जिला न्यायालयों में सहायक ग्रेड-३ के रिक्त पदों की भर्ती हेतु आयोजित होने वाली प्रारंभिक परीक्षा में किस तरह के प्रश्न पूछे जाएँगे तथा उन प्रश्नों की तैयारी कैसे की जा सकती है ?

मध्यप्रदेश के जिला न्यायालयों में सहायक ग्रेड-३ के १११५ रिक्त पदों की भर्ती हेतु आयोजित होने वाली प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी ज्ञान, हिन्दी ज्ञान तथा कंपप्यूटर ज्ञान से संबंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएँगे। इस परीक्षा की सफल तैयारी हेतु आप प्रतियोगी परीक्षाओं की मासिक पत्रिका प्रतियोगिता निर्देशिका के मार्च २००९ के अंक में दिए गए मॉडल प्रश्नपत्रों के आधार पर अपनी तैयारी को गति दें।
जल संरक्षण एवं प्रबंधन का पाठ्यक्रम किन संस्थानों में उप्लब्ध है?

जल संरक्षण व प्रबंधन के प्रमुख पाठ्यक्रम एवं संबंधित संस्थान हैं- मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग (जल विज्ञान एवं जल प्रबंधन), इंजीनियरिंग कालेज, रायपुर, (छ.ग.), बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (जल प्रबंधन), दिल्ली कालेज ऑफ इंजीनियरिंग, दिल्ली।
भारतीय वायुसेना में पायलट बनने के लिए युवतियों हेतु क्या शारीरिक एवं शैक्षणिक योग्यताएँ आवश्यक हैं?

भारतीय वायुसेना में पायलट बनने के लिए १२वीं और स्नातक परीक्षा भौतिकी तथा गणित या समक्षक विषयों के साथ उत्तीर्ण होनी चाहिए। आयु सीमा १९ से २३ वर्ष के मध्य होनी चाहिए । केवल अविवाहित युवतियाँ अथवा वे महिलाएँ जिनके पति की मृत्यु वायुसेना में सेवा के दौरान हो गई है तथा जिनके बच्चे न हों, वे ही कमीशन पाने की हकदार हैं। युवतियों हेतु शारीरिक योग्यता इस प्रकार है- कद कम से कम १६२.५सेन्टीमीटर तथा टाँगों की लंबाई न्यूनतम ९९.१२ सेन्टीमीटर होना चाहिए। आँखों में रतौंधी नहीं होनी चाहिए तथा चश्मा नहीं लगा होना चाहिए। वे युवतियाँ जो एक बार पायलट एप्टीट्यूट टेस्ट में अयोग्य घोषित कर दी जाती हैं, उन्हें पुन: आवेदन का अधिकार नहीं होता है।
मैं मनोवैज्ञानिक बनाना चाहता हूँ । कृपया मार्गदर्शन प्रदान करें ।

चिकित्सा, समाजसेवा तथा रोमांच से भरपूर क्षेत्र है मनोविज्ञान का। आधुनिकता के साथ बते मानसिक तनाव ने मनोविज्ञानियों के लिए नए अवसर उत्पन्न किए हैं। मनोविज्ञान की सामान्य शिक्षा के लिए स्नातक तथा स्नातकोत्तरपाठ्यक्रम देश के लगभग सभी विश्वविद्यालयों में उप्लब्ध हैं और अगर इसे करियर के रूप में चुनना है तो विशिष्ट अध्ययन संस्थानों से डिग्री तथा डिप्लोमा के विशेष पाठ्यक्रम किए जा सकते हैं। पोलिटिक स्कूल, नर्सिंग होम, अस्पताल तथा प्रायवेट कंपनियों में मनोवैज्ञानिक पद की आवश्यकता बन गई है। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण प्राप्त् करने के बाद आप निजी स्तर पर भी काउंसलर के रूप में कार्य कर सकते हैं। मनोविज्ञान का पाठ्यक्रम कराने वाले प्रमुख संस्थान हैं-
  • देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर।
  • जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर।
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस, बंगलुरु।
  • टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई।
  • बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी।
ज्योग्राफिकल इनफॉररमेशन सिस्टम के क्षेत्र में कॅरियर के क्या अवसर हैं ?

ज्योग्राफिकल इनफॉररमेशन सिस्टम वास्तव में भूगोल की एक शाखा है, जो रिमोट सेंसिंग डिजिटल तकनीक व हाईटेक विधियों से युक्त है। आज इसके बढ़ते महत्व को देखते हुए विभिन्न विश्वविद्यालयों व संस्थानों में इसकी शिक्षा प्रदान की जाने लगी है। ज्योग्राफिकल इनफॉररमेशन सिस्टम विशेषज्ञ के रूप में इस क्षेत्र में रोजगार की अच्छी संभावनाएँ बन रही हैं। ज्योग्राफिकल इनफॉररमेशन सिस्टम (जीआईएस) विशेषज्ञों की सेवाएँ नगर नियोजको, प्रशासनिक अधिकारियों, जन सेवा संबंधी इकाइयों, टेलीकाम कंपनियों, परिवहन हाई-वे नियोजको, आपदा प्रबंधन इकाइयों आदि द्वारा ली जाती है। कई बहुराष्ट्रीयतथा बहुउद्देशीय कंपपनियाँ भी नई बाजार नीतियों को जानने के लिए जीआईएस विशेषज्ञों की मदद लेती हैं। जीआईएस के क्षेत्र में रोजगार की चाह रखने वालों के लिए भूगोल, गणित आदि विषयों के डिग्रीधारको को योग्य माना जाता है, किन्तु आज इस क्षेत्र में बढ़ती सूचनात्मक प्रगति व विकास के कारण केवल इतनी योग्यताएँ ही काफी नहीं हैं। अभ्यार्थि के पास यदि इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, भू विज्ञान, कार्टोग्राफी, पर्यावरण विज्ञान आदि की स्नातकोत्तर योग्यताएँ हों, तो उससे प्रवेश में प्राथमिकता मिलती है। ज्योग्राफिकल इनफॉररमेशन सिस्टम की शिक्षा देने वाले प्रमुख संस्थान हैं-
  • डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर, मध्यप्रदेश।
  • उत्कल विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर, उड़ीसा।
  • चेन्नई विश्वविद्यालय, चेपक, चेन्नई।
  • अन्नामलाई विश्वविद्यालय, सरदार पटेल रोड, गुइंडी, चेन्नई
मैं न्यूज रीडर बनना चाहता हूँ । कपया मार्गदर्शन दें ?

वर्तमान में युवाओं को सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाला रोजगार क्षेत्र मीडिया ही है। इसमें भी खासकर इलेक्ट्रानिक मीडिया, पैसा, चमक-दमक और रोजगार की असीम संभावनाओं के कारण युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। वैसे तो इलेक्ट्रानिक मीडिया में रोजगार के कई क्षेत्र हैं लेकिन सबसे ज्यादा ग्लैमरस और आकर्षित करने वाला क्षेत्र है न्यूज रीडिंग का। न्यूज रीडिंग के लिए प्रशिक्षण बहुत जरूरी है, क्योंकि यह हुनर प्रशिक्षण एवं अनुभव से ही बेहतर सीखा जा सकता है। बाकी की बारीकियाँ प्रोफेशन में जुडे रहने से अपने आप आ जाती हैं लेकिन इसमें प्रशिक्षण के साथ-साथ खुद की काबिलियत एवं दक्षता भी काफी मायने रखती है। आमतौर पर समाचार वाचन से संबंधित कई तरह के डिप्लोमा अथवा डिग्री कोर्स कराए जाते हैं। इसके लिए न्यूनतम आवश्यक योग्यता अंग्रेजी के साथ १२वीं कक्षा उत्तीर्णहै। बारहवीं के बाद न्यूज रीडिंग के डिप्लोमा अथवा डिग्री कोर्सेज किए जा सकते हैं जबकि पीजी डिप्लोमा अथवा मास्टर डिग्री के लिए स्नातक होना जरूरी है। प्रतिदिन खुल रहे न्यूज चैनलों की भीड़ को देखते हुए यह उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में रोजगार के बहुत अवसर बढ़ेंगे। न्यूज रीडिंग का कोर्स कराने वाले प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैं-
  • भारतीय विद्या भवन, कस्तूरबा गाँधी मार्ग, नई दिल्ली।
  • बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी।
  • फिल्म एंड टीवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे।
  • माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीयपत्रकारिता विश्वविद्यालय, त्रिलोचन नगर, भोपाल।
मैं औषधीय जड़ी-बूटियों की खेती करना चाहता हूँ। इस बारे में प्रशिक्षण एवं जानकारी कहाँ से प्राप्त् की जा सकती है ?

उद्यमिता विकास केंद्र द्वारा समय-समय पर मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में औषधीय एवं जड़ी-बूटियों की खेती एवं व्यवसाय से संबंधित तीन से पाँच दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। उद्यमिता विकास केंद्र के मुख्यालय भोपाल में प्रतिमाह लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिनकी सूचना भी उद्यमिता पत्रिका में प्रकाशित की जाती है। आप सुविधानुसार प्रशिक्षण प्राप्त् करने हेतु उद्यमिता समाचार पत्रिका का अध्ययन करते रहें। प्रशिक्षण के दौरान उत्पादन एवं विपणन से संबंधित जानकारी के साथ-साथ कहाँ से वित्तीय सहायता प्राप्त् की जा सकती है आदि से संबंधित विस्तृत जानकारी आपको मुहैया कराई जाती है।
मैं भारतीय तटरक्षक बल में नाविक बनना चाहता हूँ । इस हेतु शैक्षणिक योग्यता क्या है तथा इस हेतु कहाँ संपर्क किया जाना चाहिए ?

भारतीय तटरक्षक बल में नाविक बनने हेतु दसवीं उत्तीर्ण अभ्यार्थी, जिनकी आयु २२ वर्ष से अधिक न हो, वे नाविक के तौर पर जनरल ड्यूटी ब्रांच में शामिल हो सकते हैं। विस्तृत विवरण के लिए आप निदेशक (प्रशिक्षण) रिक्रूटमेंट सेल, कोस्ट गार्ड हैडँवॉटर, नेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली-०१ से संपर्क करें।
मध्यप्रदेश सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी परीक्षा-२००९ की तैयारी कैसे की जा सकती है ?

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली मध्यप्रदेश सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी परीक्षा की सफल तैयारी हेतु आप बाजार में उपलब्ध स्तरीय अध्ययन सामग्री से अध्ययन करें। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की मासिक पत्रिका प्रतियोगिता निर्देशिका में दिए जा रहे सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी परीक्षा के मॉडल प्रश्नों को भी अपनी तैयारी का आधार बनाया जा सकता है।
मैं योग में उज्ज्वल कॅरियर बनाना चाहता हूँ। कृपया उचित मार्गदर्शन प्रदान करें ।

योग में अभ्यास के जरिए निपुणता पाई जाती है। गुरु-शिष्य परंपरा के जरिए भी योग सीखकर कई लोग वर्तमान में शिखर पर हैं। लेकिन योग्य एवं प्रशिक्षित शिक्षक बनने हेतु विधिवत प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के उपरांत योग में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम किया जा सकता है । योग में डिप्लोमा, बीएड, एमएड एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक है। योग में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर, गुरुकुल कढांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार, श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, तिरुपति, अमरावती विश्वविद्यालय, अमरावती, उत्कल विश्वविद्यालय, पुरी आदि से संपर्क किया जा सकता है।
ज्योतिष का कोर्स कराने वाले मान्यता प्राप्त् संस्थानों की जानकारी दें ?

ज्योतिष के पाठ्यक्रम हेतु प्रमुख मान्यताप्राप्त् संस्थान हैं- विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन, रविशंकर विश्वविद्यालय, रायपुर, केंद्रीय संस्कृत विद्यापीठ, तिरुपति, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी।
मैं नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड (एनएसजी) में कमांडो बनना चाहता हूँ। कृपया मार्गदर्शन प्रदान करें ।

नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड (एनएसजी) भारत का प्रमुख कमांडो संगठन है, जो आतंक विरोधी फोर्स के तौर पर जाना जाता है। एनएसजी की स्थापना १९८४ में की गई थी। दो दशक से भी ज्यादा पुरानी इस फोर्स ने कई मौको पर देश को अपनी सेवाएँ दी हैं। मुंबई में हाल ही में हुए भीषण आतंकवादी हमले में एनएसजी कमांडो ने जिस बहादुरी का परिचय दिया, उससे पूरा विश्व अभिभूत है। एनएसजी प्रत्यक्ष रूप से कैडेट की भर्ती नहीं करती। केंद्रीय पुलिस संस्थान और भारतीय सेना सब इन्सपेक्टर और जेसीओ का चयन करती है। उन्हें तीन वर्ष की प्रतिनियुक्ति पर एनएसजी में भेजा जाता है। उन्हें इस दौरान मनेसर में एनएसजी ट्रेनिंग सेंटर में तीन माह के ट्रेनिंग प्रोग्राम से गुजरना पड़ता है। एनएसजी कमांडो को भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में भी नाभिकीय, जैविक और रासायनिक युद्ध के मद्देनजर प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के उपरांत एनएसजी कमांडो को संगठन में शामिल कर लिया जाता है।
मैं नेचुरोपैथी के क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहता हूँ। कृपया मार्गदर्शन दें ?

नेचुरोपैथी एक समृद्ध और स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली है, जिसका कोई अतिरिक्त कुप्रभाव नहीं पड़ता। नेचुरोपैथी में व्यक्ति की आंतरिक प्रतिरोधक क्षमता का प्राकृतिक ढंग से विकास किया जाता है, ताकि सिंथेटिक ड्रग्स बिना व्यक्ति की आंतरिक प्रतिरोधक क्षमता का प्राकृतिक ढंग से विकास किया जाता है, ताकि सिंथेटिक ड्रग्स बिना व्यक्ति का इलाज संभव हो जाए। इसको कॅरियर के रूप में प्रैँटिस करने के लिए व्यक्ति के पास मान्यता प्राप्त् डिग्री या डिप्लोमा कोर्स की आवश्यकता होती है। नेचुरोपैथी कोर्स करने के लिए १२वीं कक्षा जीव विज्ञान समूह से उतीर्ण होना आवश्यक है।



नेचुरोपैथी का कोर्स कराने वाले प्रमुख संस्थान हैं-
  • गाँधी नेचर केयर कॉलेज, बेगमगंज, हैदराबाद।
  • गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंडियन मेडिसिन नेचर केयर एंड योगा कॉलेज, मैसूर
  • गाँधी नेशनल एकेडमी ऑफ नेचुरोपैथी, १५ राजघाट कालोनी, नई दिल्ली।
  • जेएसएस इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस, एल्कहिल रोड, ऊटी।
मॉडल बनाना चाहता हूँ । कृपया मार्गदर्शन दें कि मॉडल किस प्रकार बना जा सकता है ?

मॉडल बनने के लिए आपको सबसे पहले एक अच्छे व्यावसायिक फोटोग्राफर से विभिन्न पोज, अलग-अगल ड्रेसेस में खिंचवाकर अपना एक पोर्टफोलियो बनवा लेना चाहिए। इसके पश्चात मॉडल को-ऑर्डिनेटर अथवा मॉडल एजेंसियों के पास अपना पोर्टफोलियो व शारीरिक गठन का विस्तृत विवरण भेजना होता है। मॉडल बनने के लिए कुछ कोर्स देश के विभिन्न संस्थानों द्वारा चलाए जा रहे हैं। पर्सनालिटी डेवलपमेंट कोर्स इस हेतु उपयुक्त होते हैं। मॉडल बनने के लिए आवश्यक योग्यताएँ पूर्ण हो जाने पर सीधे विज्ञापन एजेंसियों, पत्रिकाओं, फिल्म प्रोडक्शन कंपनियों, फेशन संगठनों, मेलों व प्रदर्शनियों के आयोजकों से संपर्क करना चाहिए।
मैं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में प्रवेश लेना चाहती हूँ। कृपया जानकारी प्रदान करें।

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में प्रवेश हेतु प्रवेश प्रक्रिया मार्च-अप्रैल माह में आरंभ होती है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अओयर्थी का स्नातक होना तथा साथ ही साथ कम से कम दस नाटको में भाग लिया होना अनिवार्य है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पाठ्यक्रम हेतु प्रतिवर्ष केवल २० सीटों पर ही प्रवेश दिया जाता है। प्रवेश हेतु आयु सीमा १८ से ३० वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आवदेन के लिए यह भी जरूरी है कि उसे हिन्दी एवं अँगरेजी भाषा का अच्छा ज्ञान हो तथा उच्चारण स्पष्ट हो। इस विद्यालय द्वारा चुने गए छात्रों को अपने शैक्षिक खर्च के लिए २ हजार रुपए मासिक की छात्रवृत्ति भी दी जाती है।
एकिस्टिँस क्या है ? इस क्षेत्र में कॅरियर के क्या अवसर हैं तथा यह पाठ्यक्रम कहाँ उपलब्ध है?

एकिस्टिँस विज्ञान की वह शाखा है, जिसके पास शहर की बिगड़ती व्यवस्था को दुरुस्त कर योजनाबद्ध ढंग से ह्युमन सेटलमेंट की दिशा में कार्य करने की पूरी विधि है। शहरों की गैर योजनाबद्ध ढंग से निर्मित टाउनशिप प्लानिंग की खामियों पर बहुआयामी शोध कार्य द्वारा ह्युमन सेटलमेंट की जटिलताओं को दूर करने में सहयोग करना ही इनका कार्यक्षेत्र है। एकिस्टिँस यानी आर्किटेक्चर में स्पेशलाइजेशन की प्रायवेट क्षेत्रों में तो भारी डिमांड है, साथ ही पऒलिक क्षेत्रों व विदेशों में भी कॅरियर की असीम संभावनाएँ उपलब्ध हैं। एकिस्टिँस में मास्टर प्रोग्राम हेतु आवेदनकर्ता का बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर व इसके समकक्ष कोर्स में न्यूनतम ६० प्रतिशत अंक होने चाहिए। यह पाठ्यक्रम जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में उपलब्ध है। पाठ्यक्रम से संबंधित विस्तृत विवरण के लिए वेबसाइट www.jmi.nic लॉग ऑन करें।
मेरी रुचि पुरातत्व क्षेत्र में है। मुझे कॅरियर हेतु मार्गदर्शन देते हुए यह बताएँ कि हिन्दी माध्यम से पुरातत्व की डिग्री देने वाले कौन-कौन से विश्वविद्यालय हैं ?

पुरातत्व (आर्कियोलॉजी) में कॅरियर बनाने के लिए उन विद्यार्थियों को आगे आना चाहिए जो लुप्त् समाज,सभ्यताओं, उनके इतिहास तथा अवशेषों के बारे में रुचि रखते हैं। ऐसी रुचि रखने वाले छात्रों को पुरातत्व में डिग्री लेने के बाद संग्रहालयों, शोध संस्थानों, ट्रेवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री आदि जगह रोजगार मिल जाता है। पुरातत्व में हिन्दी माध्यम से डिग्री देने वाले प्रमुख विश्वविद्यालय एवं संस्थान इस प्रकार हैं-
  • कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र,
  • गुरुकुल कढांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार,
  • महाराजा सयाजी विश्वविद्यालय, बडोदरा।
  • दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ हेरिटेज रिसर्च एंड मैनेजमेंट, नई दिल्ली।
मार्केट रिसर्च के क्षेत्र में कॅरियर की क्या संभावनाएँ हैं ?

मार्केट रिसर्च के अंतर्गत किसी नए उत्पाद या सेवा को बाजार में फैलाने के लिए सबसे पहले विस्तृत आँकड़े या डाटा इकट्ठा करने की जरूरत पड़ती है ताकि बाजार की तमाम बारीकियों, उपभोक्ताओं की पसंद-नापसंद के बारे में जानकारी एकत्रित कर सकें। इस प्रक्रिया को मार्केट रिसर्च कहते हैं। मार्केट रिसर्च, एक प्रकार की मार्केटिंग तकनीक है जिनमें सर्वेक्षण, विश्लेषण और उपभोक्ताओं से बातचीत कर नए प्रोडँट के बारे में जानकारी दी जाती है। बाजार और उपभोक्ता से जुडी इन्हीं तमाम जानकारियों को प्राप्त् करने के लिए कंपनी को मार्केट रिसर्चर की जरूरत पड़ती है। मार्केट रिसर्चर का कार्य यह निर्धारित करना होता है कि कोई भी प्रोडँट या सर्विस बाजार में किस प्रकार खपेगा, इसका खरीददार कौन होगा ? ये न सिर्फ नए प्रोडँट और सर्विसेज पर काम करते हैं बल्कि बाजार की रणनीतियों पर भी काम करते हैं। यदि आप में विश्लेषण करने की क्षमता, सांख्यकीय योग्यता, दबाव में काम करने की हिम्मत, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन, सहनशीलता, आर्थिक और कला की परख हो तो इस क्षेत्र में आपके लिए सभी दरवाजे खुले हैं। मार्केट रिसर्च का पाठ्यक्रम कराने वाले प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैं-
  • नरसी मोन्जी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, विले पार्ले (वेस्ट), मुंबई।
  • एपीजे स्कूल ऑफ मार्केटिंग, नई दिल्ली।
  • मुद्रा इंस्टीट्यूशन ऑफ कम्युनिकेशन, अहमदाबाद।
  • डॉ. भीमराव अऔबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा।
मैं नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) में प्रवेश लेना चाहता हूँ । कृपया मार्गदर्शन प्रदान करें ।

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश लेने के लिए एनडीए प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के थल सेना स्कंध में प्रवेश लेने के लिए किसी भी विषय से बारहवीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के वायु सेना और नौ सेना स्कंधों तथा नौ सेना अकादमी की कार्यपालक शाखा में प्रवेश हेतु भौतिकी और गणित विषयों सहित बारहवीं उत्तीर्णहोना आवश्यक है। उम्मीद्वार की आयु १६ से १९ वर्ष के बीच होनी चाहिए। एनडीए की परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग प्रतिवर्ष दो बार अप्रैल-मई व सितंबर-अक्टूबर में करता है। देश के सभी प्रमुख समाचार पत्रों सहित रोजगार समाचार, रोजगार और निर्माण आदि में इस आशय की सूचना प्रकाशित की जाती है। देश की रक्षा सेवाओं में प्रवेश तथा प्रशिक्षण के लिए एनडीए देश की सबसे प्रतिष्ठित व महत्वपूर्ण अकादमी है। एनडीए में प्रवेश हेतु लिखित परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार के दो प्रश्न पत्र होते हैं। पहला गणित का तथा दूसरा सामान्य ज्ञान योग्यता परीक्षण का। लिखित परीक्षा के निर्धारित अंक ९०० होते हैं। जिसमें गणित परीक्षा के ३०० अंक और सामान्य ज्ञान योग्यता परीक्षा के ६०० अंक निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न पत्र के लिए ढाई घंटे का समय निर्धारित किया गया है। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीद्वारों का व्यक्तित्व परीक्षण किया जाता है तथा उसमें सफल उम्मीद्वारों का राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के रक्षा कैडेटों के रूप में चयन किया जाता है।
एरोबिक्स में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम मध्यप्रदेश में कहाँ से किया जा सकता है ?

जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर सर्टिफिकेट कोर्स इन एरोबिक्स एंड फिटनेस का संचालन करता है।
मैं फिल्मों में आर्ट डायरेक्टर बनना चाहती हूँ। इसके लिए मुझे कहाँ संपर्क करना चाहिए?

आर्ट डायरेक्टर (कला निर्देशक) बनने हेतु आप इन संस्थानों से संपर्क करें-
  • फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, पुणे।
  • सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता।
  • नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली
  • में फुटवेयर के निर्माण का प्रशिक्षण कहाँ से प्राप्त् किया जा सकता है ?

    फुटवेयर के निर्माण के प्रशिक्षण के लिए मध्यप्रदेश हस्तशिल्प विकास निगम, हमीदिया रोड, भोपाल से संपर्क किया जा सकता है।
    मैं लैब टेक्निशियन का कोर्स करना चाहता हूँ। इस हेतु मध्यप्रदेश एवं देश के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों की जानकारी प्रदान करें।

    वे युवा जो चिकित्सक नहीं बन पाते, परंतु मेडिकल क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहते हैं, वे लैब टेक्निशियन का कोर्स करके चिकित्सा के क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं। लैब टेँनीशियन का कोर्स संचालित करने वाले प्रमुख संस्थान हैं-
    • चोइथराम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, इंदौर।
    • ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, नई दिल्ली।
    • गवर्नमेंट पॉलिटेँनिक, भोपाल
    • कलमकारी वोकेशन ओरिएंटेड वूमंस पोलीटेँनिक, गाँधीनगर, गुजरात।
    प्रदेश और देश में लैब टेक्निशियन पाठ्यक्रम संचालित करने वाले कई अन्य संस्थान भी हैं, जिनके बारे में जानकारी लेकर उपयुक्त होने पर प्रवेश लिया जा सकता है।
    एयरलाइंस टिकटिंग का कोर्स कहाँ से किया जा सकता है?

    एयरलाइंस टिकटिंग का कोर्स संचालित करने वाले प्रमुख संस्थान हैं-
    • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, आगरा।
    • आईआईटीटीएम, ग्वालियर।
    • इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट, मोतीमहल, लखनऊ।
    • इंदिरा गाँधी राष्ट राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली।
    कृषि अनुसंधान सेवा परीक्षा के बारे में जानकारी प्रदान करें ।

    भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा आयोजित कृषि अनुसंधान सेवा परीक्षा में बैठने के लिए आयु सीमा २१ से ३० वर्ष के बीच निर्धारित है। पीएचडी धार कों को अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट मिलती है। इस परीक्षा में बैठने के लिए उमीद्वार के पास कृषि विज्ञान में मास्टर डिग्री अथवा कृषि से जुड़े अन्य विषयों में स्नातको ार डिग्री होनी चाहिए। चयन लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कढार के आधार पर होता है।
    अमेरिका के लॉ स्कूल में प्रवेश लेने के लिए विस्तृत जानकारी कहाँ से प्राप्त् की जा सकती है ?

    अमेरिका के लॉ स्कूल में प्रवेश के इच्छुक आवेद कों को लॉ स्कूल एडमिशन टेस्ट (एलएसएटी) देना होता है। विस्तृत जानकारी के लिए इस पते पर संपर्क करें- एलएसएटी बॉँस ४०, न्यूटन पीए-१८९४०, यूएसए।
    बुजुर्गों की देखभाल से संबंधित पाठ्यक्रम कहाँ उपलब्ध हैं ?

    बुजुर्गों की देखभाल (जेरियाट्रिँस केयर) से संबंधित पाठ्यक्रम इन संस्थानों में उपलब्ध हैं-
    • राष्ट्रीय समाज सुरक्षा संस्थान, वेस्ट ऒलॉक-१, विंग-७, भूतल, आरकेपुरम, नई दिल्ली।
    • कोलकाता मेट्रोपोलिटन इंस्टीट्यूट ऑफ जेरियानोलॉजी, कोलकाता।

    • डॉ. रेड्डी हेरिटेज फाउंडेशन, हैदराबाद।
    मैं फिटनेस ट्रेनर बनना चाहता हूँ। कृपया मार्गदर्शन प्रदान करें।

    कुछ समय पहले तक फिटनेस सेंटर का प्रयोग केवल खिलाङ़ी या पहलवान ही किया करते थे, लेकिन बदलते वक्त के साथ-साथ फिटनेस सेंटर और जिमनेशियम का विस्तार होता गया। अब इनका प्रयोग आम आदमी से लेकर सेलिब्रिटी तक करते हैं। यही वजह है कि इस क्षेत्र में रोजगार की उजली संभावनाएँ बन गई हैं। आजकल बहुत से लोग अपना पर्सनल फिटनेस ट्रेनर भी रखते हैं तो कई कंपनियाँ अपने कार्यस्थल में स्वास्थ जागरूकता के लिए फिटनेस ट्रेनर नियुक्त करती हैं। इसके अलावा हेल्थ सेंटर, बड़े-बड़े होटल, क्रूज शिप्स, टूरिस्ट रिसॉर्ट या फिर स्वतंत्र रूप से भी अपना फिटनेस टे्रनिंग सेंटर चलाया जा सकता है। एक फिटनेस ट्रेनर विभिन्न ट्रेनिंग सेंटर में पार्ट टाइम काम करके भी काफी धन कमा सकता है। एक फिटनेस ट्रेनर शिक्षक के रूप में तरह-तरह की एँसरसाइज तो सिखाता ही है साथ ही साथ वह प्रेरक, कोच और संभवत: एक दोस्त के रूप में भी काम करता है। वह अपने प्रशिक्षणार्थियों को स्वास्थ्य, खान-पान, आवश्यकता हो तो जीवन शैली में बदलाव जैसे कई महत्वपूर्ण आधारभूत प्रशिक्षण देता है। फिटनेस ट्रेनर का कोर्स कराने वाले प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैं-
    • लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन, शक्तिनगर, मेला रोड, ग्वालियर।
    • इंदिरा गाँधी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंसेज, विकास पुरी नई दिल्ली।
    • एनएस साउथ सेंटर, यूनिवर्सिटी कैंपस, बंगलुरू।
    मैं बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा/रही हूँ । कृपया आप मुझे अच्छे अध्ययन संदर्भों की जानकारी दें ?

    सार्वजनिक क्षेत्र की विभिन्न बैंकों की प्रोबेशनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में सफलता के लिए एक ओर जहाँ सामान्य अध्ययन की तैयारी जरूरी है, वहीं दूसरी ओर सामान्य अंग्रेजी, सामान्य गणित, सामान्य मानसिक योग्यता तथा तर्कशक्ति परीक्षण कढे लिए परीक्षोपयोगी तैयारी भी जरूरी है। सामान्य अध्ययन की तैयारी हेतु प्रतियोगिता परीक्षाओं की मासिक पत्रिकाओं कऔपीटीशन सँसैस रिव्यू, प्रतियोगिता निर्देशिका तथा सामान्य ज्ञान दर्पण का अध्ययन काफी उपयोगी रहेगा। गणितीय योग्यता के प्रश्नों के लिए आर.एस. अग्रवाल एवं एम. टायरा की पुस्तकें, तर्कशक्ति के लिए एस. के. पांडे की पुस्तक, अंग्रेजी के लिए राजेन्द्र प्रसाद सिन्हा आदि की पुस्तकें बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा की तैयारी में बहुत उपयोगी सिद्ध होंगी।
    मैं फ्लाइट स्टुअर्ड बनना चाहता हूँ। कृपया मार्गदर्शन प्रदान करें।

    वे दिन अब बीती बातें हो गए, जब यह फील्ड केवल सुंदर युवतियों का प्रोफेशन माना जाता था। आज तेजी से फलते-फूलते एविएशन उद्योग में युवको की भी अहमियत बढ़ गई है। पुरुष वर्ग भी इस पेशे को गंभीरता से ले रहे हैं। यह एक नॉन टेक्निकल प्रोफेशन है, जहाँ फ्लाइट स्टुअर्ड के रूप में आपको ग्राउंड ड्यूटी, रिसेप्शन, बुकिंग, बोर्डिंग में मदद, लगेज हैंडलिंग, फूड सर्व करना व सिक्युरिटी चेकअप जैसी सेवाएँ प्रदान करनी होती हैं। एविएशन इंडस्ट्री में फ्लाइट स्टुअर्ड के रूप में कॅरियर शुरू करने के लिए बारहवीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कुछ संस्थानों में तो मात्र इंटरव्यू के आधार पर ही प्रवेश दिया जाता है, पर कुछ संस्थानों में दाखिला बारहवीं में न्यूनतम ५० प्रतिशत अंक के तहत होता है। उम्र १७ से २४ वर्ष के बीच होनी जरूरी है। साथ ही प्लींजिंग पर्सनेलिटी व अच्छी क्म्युनिकेशन स्किल खास महत्व रखती है। फ्लाइट स्टुअर्ट के कोर्स में प्रवेश के लिए आपकी शारीरिक ऊंचाई न्यूनतम ५.८ फीट होनी चाहिए। एयरवेज या हॉस्पिटेलिटी सर्विसेज में कॅरियर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए मुंयत: एक साल का डिप्लोमा कोर्स ही पर्याप्त् माना जाता है। एयरवेज व हॉस्पिटेलिटी सर्विसेज के क्षेत्र में सुनहरे भविष्य के साथ ही अच्छा वर्क एनवॉयरमेंट तथा आकर्षक वेतन भी मौजूद है। इसके साथ ही इसी प्रशिक्षण से आप चाहें तो होटल, ट्रेवल एजेंसी व मल्टीनेशनल कंपनियों में बतौर कस्टमर केयर व फ्रंट ऑफिस एक्जीक्यूटिव का करियर भी चुन सकते हैं और सपनों को साकार करने के लिए फ्लाइट स्टुअर्ड बनकर लाख रुपए मासिक वेतन भी पा सकते हैं। फ्लाइट स्टुअर्ड का कोर्स कराने वाले प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैं-
    • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेँनिकल एजुकेशन, चंडीगढ़।
    • ब्रिटिश एयर हॉस्टेस एकेडमी, चंडीगढ़।
    • दी एयर हॉस्टेज एकेडमी, नई दिल्ली।
    • फ्रैंकफिन इंस्टीट्यूट ऑफ एयर होस्टेस ट्रेनिंग, नई दिल्ली।
    अच्छी नौकरियों के अवसरों की जानकारी देने वाली प्रमुख वेबसाइटों के पते दीजिए।

    देशभर में आज अनेक वेबसाइट्स ऐसी हैं जो आपको अच्छी नौकरियों के अवसरों की जानकारी देती हैं। जिनमें से प्रमुख इस प्रकार हैं-
    • www.timesjobs.com
    • www.naukri.com
    • www.monsterindia.com
    • www.clickjobs.com
    • www.yellowjobs.com
    • www.jobsahead.com
    • www.careerindia.com
    • www.jobsearch.rediff.com
    • www.bestjobsindia.com
    मैं टेलीविजन एंकरिंग के क्षेत्र मे कॅरियर बनाना चाहता/चाहती हूँ। कृपया जानकारी प्रदान करें।

    मनोरंजन से भरपूर वर्तमान दौर मे टेलीविजन रोजगार का बेहतर माध्यम बन गया है । टेलीविजन कार्यक्रम और विभिन्न व्यावसायिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रस्तुतिकरण में टेलीविजन एंकर की भूमिका महत्वपूर्ण होती है । इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए किसी औपचारिक डिग्री की आवश्यकता नहीं होती, किन्तु हिन्दी व अंग्रेजी भाषा पर पूरा अधिकार अवश्य होना चाहिए । टेलीविजन एंकर बनने से पूर्व अपनी अभिनय प्रतिभा एवं डायलॉग डिलेवरी को निखारने के लिए इन संस्थानों से संपर्क किया जा सकता है-नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली, चंद्रा अकादमी ऑफ एँटिंग, मुम्बई, फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे।

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    मैं मॉडलिंग के क्षेत्र में उजला कॅरियर बनाना चाहता हूँ। कृपया प्रशिक्षण संस्थानों के वेबसाइट पते बताएँ ।
    मॉडलिंग में उजला कॅरियर बनाने के लिए किसी प्रतिष्ठित संस्थान से ट्रेनिंग लेना जरूरी है। प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों से संबंधित विस्तृत जानकारी इन वेबसाइटों से प्राप्त् की जा सकती है-
    • www.benchmarkmodels.net
    • www.supermodels4u.com
    • www.glamourhunt.com
    • www.fashionindia.net


    नैनोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कॅरियर की क्या संभावनाएँ हैं तथा इससे संबंधित पाठ्यक्रम कराने वाले प्रमुख संस्थान कौन-कौन से हैं ?
    नैनोटेक्नोलॉजी का अर्थ है- साइंस ऑफ मिनिएचर अर्थात लघुत्तर का विज्ञान । जब कोई वस्तु या सामग्री नैनोडाइमेंशन (१०-९ मीटर = १ नैनोमीटर) में बदल जाती है तो उसके भौतिक, रासायनिक,चुम्बकीय, प्रकाशीय, यांत्रिक और इलेँट्रिक गुणों में भी भारी परिवर्तन हो जाता है। यह तकनीक साइंस, मेडिकल साइंस, पर्यावरण विज्ञान, इक्लेट्रॉक्निस, कॉस्मेक्टिस, सिक्योरिटी, फैब्रिँस और विविध क्षेत्रों में बहुत उपयोगी है । वैज्ञानिको के अनुसार २१वीं सदी नैनोटेक्नोलॉजी की होगी। यह अनुमान व्यक्त किया जा रहा है कि नैनोटेक्नोलॉजी प्रत्येक क्षेत्र जैसे मेडिसिन, एयरोस्पेस, इंजीनियरिंग, विभिन्न उद्योगों और तकनीकी क्षेत्रों, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में क्रान्तिकारी परिवर्तन लाएगी। कुल मिलाकर ऐसा कोई क्षेत्र नहीं होगा, जो भविष्य में नैनोटेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं करेगा। विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के किसी भी विषय से स्नातक, पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर नैनोटेक्नोलॉजी विषय ले सकते हैं। नैनोटेक्नोलॉजी से जुडे विभिन्न कोर्स इन संस्थानों से किए जा सकते हैं-पुणे विश्वविद्यालय, पुणे, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी, दिल्ली विश्वविद्यालय,दिल्ली, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रूड़की, मुंबई, गुवाहाटी, तथा कानपुर, जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च, बंगलुरु।
    समाज कार्य / समाजशास्त्र के क्षेत्र में कॅरियर के क्या अवसर है?
    आज दुनिया में हजारों की संख्या में स्वयंसेवी संस्थाएँ मानवीय, सामाजिक, पर्यावरण संबंधी समस्याओं के समाधान में जुटी हुई हैं और संस्थानों को बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की आवश्यकता है, जिनमें न केवल सेवा का जज्बा हो बल्कि संबंधित क्षेत्र की जानकारी भी हो। अंतरराष्टीय स्तर पर काम करने वाली संस्थाएँ, जैसे यूनीसेफ, यूएनडीपी, वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड, रेडक्रॉस, क्राई तो हर साल समाजशास्त्र एवं समाज कार्य के एँसपर्ट की तलाश में बड़े शहरों में सेमिनार का आयोजन करते हैं। इन संस्थाओं में निदेशक, उपनिदेशक, प्रोग्राम ऑफिसर, टीम लीडर जैसे पदों पर अच्छे वेतनमान के साथ नियुक्त किया जाता है। इसके अलावा अन्य कई क्षेत्र हैं, जिसमें छात्रों को को-ऑडिनेटर, सर्वे ऑफिसर एवं पब्लिक रिलेशन ऑफिसर जैसे पदों पर काम करने का मौका मिलता है। इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का मौका मिलता है। इसमें मूल वेतन न्यूनतम ८,००० रुपए से शुरू होता है, जबकि निदेशक वर्ग के लोगों को २ लाख रुपए तक मासिक वेतन के रूप में मिलते हैं, यानी वेतन की दृष्टि से भी यह क्षेत्र किसी अन्य कॅरियर से पीछे नहीं है। स्वयंसेवी क्षेत्र में रोजगार के प्रचुर अवसर पैदा हो गए हैं। अब तो गैर सरकारी संगठनों के अलावा बहुराष्ट्रीय निगम और औद्योगिक घराने भी बड़े पैमाने पर कंपनियों के सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वाह, खासकर शिक्षा, कल्याण और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए आगे आए हैं। अपराध विज्ञान और सुधारात्मक प्रशासन में विशेषज्ञता रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ता, कारागरों, सुधारगृहों, पर्यवेक्षणगृहों, बालगृहों तथा रिमांड होम्स जैसे संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इन संस्थानों में सामाजिक कार्यकर्ता का मुख्य कार्य कैदियों के लिए रचनात्मक एवं सृजनात्मक वातावरण का निर्माण करना है। परिवार और बाल कल्याण के क्षेत्र में सामाजिक कार्यकर्ता महिलाओं, बच्चों, वृद्धों और कमजोर व्यक्तियों के जीवन स्तर में सुधार लाने में योगदान कर सकते हैं। चिकित्सा और मनोविश्लेषणात्मक सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उनकी नियुक्ति आमतौर पर अस्पतालों, सेनेटोरियम्स, परिवार नियोजनँलिनिकों, नशीली दवाओं और शराब की लतछुड़ाने वाले केंद्रों में की जाती है। समाज कार्य के पाठ्यक्रम में मानव कल्याण से संबंधित कई विषय शामिल किए गए हैं। भारतीय सामाजिक समस्याएँ, पारिवारिक सहायता एवं मार्गदर्शन, मातृ में शिशु कल्याण, अपराध मनोविज्ञान, ग्रामीण एवं शहरी विकास आदि। समाज कार्य में उपाधि प्राप्त् करने के बाद अंतरराष्ट्रीय कल्याण की संस्थाओं जैसे यूनिसेफ व यूनेस्को, विकलांग कल्याण केंद्र, अनाथ आश्रम, महिला उद्धार गृह, प्रौढ़ शिक्षा परियोजना, समाज कार्य शिक्षा से संबंधित शिक्षण संस्थाओं, समाजकल्याण विभाग, मातृ एवं शिशु कल्याण विभागों में कॅरियर के अच्छे अवसर हैं। चिकित्सा एवं मनोचिकित्सा के क्षेत्र में अस्पतालों में नियुक्ति हो सकती है। इसके अतिरिक्त गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) के माध्यम से भी एड्स जागरूकता, महिला कल्याण, गरीबी उन्मूलन, आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों को अंजाम दिया जा सकता है। सामाजिक कार्य क्षेत्र में आप निजी और सरकारी कंपनियों में कार्मिक अधिकारी समुदाय संगठनकर्ता या समन्वयक, सामाजिक कार्यकर्ता आदि पदों पर भी रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही अध्यापन के क्षेत्र में भी अच्छा कॅरियर बनाया जा सकता है।

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    द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने हाल ही में सीए बनने हेतु आर्टिकलशिप से संबंधित क्या परिवर्तन किए हैं ?

    चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनने के इच्छुक विद्यार्थियों को नए साल का तोहफा देते हुए द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने इंटरमीडिएट परीक्षा को आर्टिकलशिप से मुक्त कर दिया है। नए निर्णय के तहत अब कामन प्रोफिशिएंसी टेस्ट (सीपीटी) पास करने वाले छात्र-छात्रा नौ महीने बाद सीधे इंटरमीडिएट परीक्षा में बैठ सकेंगे । साथ ही इंटरमीडिएट परीक्षा का नाम पीसीसी से बदलकर ईपीसीसी यानी इंटीग्रेटेड प्रोफेशनल कोम्पटेंसी कोर्स कर दिया है। गौरतलब है कि सैकड़ों छात्र सीपीटी पास करने के बाद भी सीए इसलिए नहीं बन पा रहे थे, क्योंकि अधिकढांश सीए के पास सीमित रिक्तियाँ होती थीं, जिससे आर्टिकलशिप के लिए उनका नंबर ही नहीं आ पाता था ।
    बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा हेतु नोट्स 500 रुपए