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    <category>Sample Papers</category>
    <item>
      <title>प्राचार्य, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भर्ती परीक्षा-2010</title>
      <pubDate>7/24/2010</pubDate>
      <description>
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा प्राचार्यों के 240 रिक्त पदों हेतु प्राचार्य, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भर्ती परीक्षा-2010,
28 नवंबर 2010 को आयोजित की जानी है। इस परीक्षा में बैठने हेतु कम से कम द्वितीय श्रेणी में स्नातकोत्तर उपाधि, बी.एड. तथा उच्चतर माध्यमिक शाला कक्षाओं में पाँच वर्ष का शिक्षण अनुभव आवश्यक है। परीक्षा में बैठने हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 17-8-2010 है। आवेदन ऑनलाइन मँगाए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट &lt;a href="http://www.mppsc.nic.in/" target="_blank"&gt;www.mppsc.nic.in/&lt;/a&gt;  पर भरे जा सकते हैं।
प्राचार्य, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भर्ती परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होंगे। प्रथम प्रश्नपत्र में सामान्य ज्ञान तथा शिक्षा प्रशासन के प्रश्न पूछे जाएँगे। प्रथम प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ प्रकार का होगा। द्वितीय प्रश्नपत्र वर्णनात्मक होगा। इसमें निबंध तथा संक्षिप्तिकरण से संबंधित प्रश्न पूछे जाएँगे। इसी को ध्यान में रखते हुए यहाँ एक मॉडल टेस्ट पेपर भी प्रकाशित किया जा रहा हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;
&lt;a href="http://www.flair-solution.com/Docs/principalrecruitmentexam2010.pdf" target="_blank"&gt;Download Model Paper&lt;/a&gt;
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    </item>
    <item>
      <title>मध्यप्रदेश राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2010 में सफलता हेतु रणनीति</title>
      <pubDate>10/20/2010</pubDate>
      <description>
&lt;p&gt;मध्यप्रदेश राज्य सेवा परीक्षा के माध्यम से उच्च प्रशासनिक पद की प्राप्ति बड़ी संख्या में युवाओं का एक करियर  स्वप्न होता है। वे युवा जो अत्यधिक प्रतिस्पर्धा के कारण सिविल सर्विस परीक्षा में चयनित नहीं हो पाते हैं या  जिनका उद्देश्य राज्य में रहकर ही प्रशासनिक  सेवा की डगर पर बढ़ना होता है, वे परिश्रम, आत्मविश्वास और  सुनियोजित तैयारी से राज्य के विभिन्न तरह के प्रशासनिक पदों पर चयनित हो सकते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;ध्यातव्य है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 20 फरवरी, 2011 को ली जाने वाली मध्यप्रदेश राज्य सेवा  प्रारंभिक परीक्षा-2010 नए पैटर्न एवं नए सिलेबस के आधार पर आयोजित की जानी है। इस बार 305 पद  विज्ञापित किए गए हैं। मध्यप्रदेश राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2010 में दो वस्तुनिष्ठ  प्रश्नपत्र होंगे। पहला प्रश्नपत्र  सामान्य अध्ययन का एवं दूसरा प्रश्नपत्र ऐच्छिक विषय का होगा । सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में 150 वस्तुनिष्ठ  प्रश्न पूछे जाएँगे, जिनके कुल पूर्णांक 150 निर्धारित हैं जबकि ऐच्छिक विषय के  प्रश्नपत्र में 120 वस्तुनिष्ठ  प्रश्न  पूछे जाएँगे जिनके कुल 300 अंक निधारित हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;गौरतलब है कि मध्यप्रदेश राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के बारे में कई उम्मीदवारों की यह धारणा होती है कि यह  बहुत कठिन परीक्षा है और इसमें चयनित होने के लिए प्रतियोगी का केवल मेधावी होना जरूरी है। सामान्य  मानसिक स्तर वाले विद्यार्थी इसमें सफल होने की संभावना कम रखते हैं लेकिन यह धारणा पूर्णत: गलत है। इस  परीक्षा में मेधावी छात्रों के  साथ-साथ वे सभी छात्र-छात्राएँ सफलता की एक जैसी ही संभावनाएँ रखते हैं जो  परिश्रम, सुनियोजित तैयारी और अच्छे अध्ययन संदर्भों को आधार बना लेते हैं। नि:संदेह यदि प्रारंभ से ही तैयारी  की रणनीति बना ली जाए और अच्छी पुस्तकों तथा पत्रिकाओं को अध्ययन का आधार बना लिया जाए तो पहले  दिन से ही सफलता की संभावनाएँ आपकी मुट्ठी में समा जाती हैं। इस परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी  प्रतियोगी सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र के लिए चिंतित तो रहते हैं लेकिन सुनियोजित रूप से वे उसकी तैयारी नहीं  करते हैं। नि:संदेह सामान्य अध्ययन की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।&lt;/p&gt;
सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र को दस खंडों में बाँटा गया है, जो इस प्रकार हैं- 
&lt;ul&gt;
&lt;li&gt;सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण&lt;/li&gt; 
&lt;li&gt;राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएँ&lt;/li&gt; 
&lt;li&gt;भारत का इतिहास एवं स्वतंत्र भारत&lt;/li&gt; 
&lt;li&gt;भारत का भूगोल एवं विश्व की सामान्य भौगोलिक जानकारी&lt;/li&gt; 
&lt;li&gt;भारतीय राजनीति एवं अर्थव्यवस्था&lt;/li&gt; 
&lt;li&gt;खेलकूद&lt;/li&gt; 
&lt;li&gt;मध्यप्रदेश का भूगोल इतिहास तथा संस्कृति&lt;/li&gt; 
&lt;li&gt;मध्यप्रदेश की राजनीति एवं अर्थव्यवस्था&lt;/li&gt; 
&lt;li&gt;सामान्य मानसिक योग्यता&lt;/li&gt; 
&lt;li&gt;सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी&lt;/li&gt; 
&lt;/ul&gt;
&lt;p&gt;मध्यप्रदेश राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2010 के सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र  में सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण एक  महत्वपूर्ण खंड है। सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण में भौतिकी, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान तथा पर्यावरण एवं  पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।  इन प्रश्नों की विशेष तैयारी आवश्यक है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाओं की तैयारी में प्रतियोगियों को चाहिए कि वे केवल राष्ट्रीय एवं  अंतरराष्ट्रीय महत्व की राजनीतिक  घटनाओं को ही इस खंड की तैयारी में शामिल न करें अपितु चर्चा में रहने वाले  विभिन्न विषयों पर भी ध्यान दें।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मध्यप्रदेश राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2010 के सामान्य अध्ययन खंड में भारतीय इतिहास तथा संस्कृति से  संबंधित कई प्रश्न पूछे जाते हैं। इसकी तैयारी हेतु इतिहास को तीन भागों यथा प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत  तथा आधुनिक भारत में बाँटा जा सकता है। प्राचीन भारतीय इतिहास को तीन कालावधियों में विभक्त किया जा  सकता है- प्रागैतिहासिक काल, आद्यैतिहासिक काल तथा ऐतिहासिक काल। प्रागैतिहासिक काल व आद्य-ऐतिहासिक  काल से प्रश्न प्राय: महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों व वहाँ प्राप्त वस्तुओं पर आधारित होते हैं। ऐतिहासिक काल में  मुख्यत: सामाजिक-सांस्कृतिक पहलू पर ध्यान देना होता है। इसमें भी विशेष रूप से सामाजिक परिवर्तन, शिक्षा के  स्रोत, कला एवं स्थापत्य तथा धार्मिक जीवन का विकास। इस अवधि के राजनीतिक इतिहास का भी अध्ययन  करना चाहिए। मध्यकालीन भाग से  इतिहास के  साथ-साथ संस्कृति से भी अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं । इस काल  के  साहित्य, चित्रकला व स्थापत्य शैली तथा तकनीकी उपलब्धि की विस्तृत सूची बनाकर रखनी चाहिए। आधुनिक  इतिहास सबसे महत्वपूर्ण तथा सर्वाधिक अंकदायी भाग है, अत: इस पर विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहिए।  स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाओं का अध्ययन आवश्यक है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;भूगोल खंड में भूगोल से संबंधित प्रश्न होते हैं। इनमें भूकंप के  बुनियादी लक्षण, दुनिया के  जलवायु क्षेत्र,  बंदरगाह, ज्वार-भाटा, नदियाँ, बहुउद्देशीय परियोजनाएँ, सिंचाई, फसलें आदि मुख्य होते हैं। भूगोल की तैयारी के   संबंध में एक विशेष बात है मानचित्र की जानकारी। मोटे तौर पर परीक्षार्थियों को मानचित्र पर विभिन्न महत्वपूर्ण,  स्थानों, पर्वतों, नदियों, झीलों की स्थिति के बारे में जानकारी होना चाहिए। मध्यप्रदेश की भौगोलिक जानकारी से  जु़डे प्रश्न भी बहुतायात में पूछे जाते हैं।
&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र के अंतर्गत भारतीय राजनीति की तैयारी में संविधान संशोधन के महत्वपूर्ण तथ्यों एवं  उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का अध्ययन लाभप्रद होता है । प्रारंभिक परीक्षा में परम्परागत  तथा संविधान के विकास से संबंधित दोनों तरह के कई प्रश्न पूछे जाते हैं । राजव्यवस्था के  अंतर्गत मानवाधिकार,  राज्य के  नीति निदेशक तत्व, मूल कर्तव्य, कार्यपालिका, आर्थिक प्रक्रिया जैसे बजट (विभिन्न प्रकार के विधेयक  जैसे वित्त विधेयक धन विधेयक आदि), न्यायपालिका विशेषत: सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के  अधिकार  (उनके ऐतिहासिक विकास सहित), संघ व राज्यों के बीच संबंध, प्रशासनिक अधिकरण, चुनाव व चुनाव सुधार,  आपातकालीन प्रावधान, संविधान संशोधन, पंचायती राज व्यवस्था इत्यादि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए  इन खंडों को विशेष रूप से तैयार करें। सामान्य अध्ययन का एक और महत्वपूर्ण खंड है अर्थव्यवस्था। इसके लिए  प्रतियोगी को भारतीय व विश्व अर्थव्यवस्था में हुई पहल व विकास का समीक्षात्मक  विश्लेषण करना चाहिए। इसके  अन्तर्गत अर्थव्यवस्था की प्रकृति, पूँजी निर्माण, राष्ट्रीय आय, आय वितरण, भारत में नियोजन, भारत का विदेश  व्यापार, भुगतान संतुलन, मुद्रास्फीति, भारत में बैंकिंग प्रणाली, राजकोषीय ढाँचा, संरचनात्मक सुधार, खाद्य सुरक्षा,  सार्वजनिक वितरण प्रणाली, औद्योगिक नीति, औद्योगिक  रुग्णता तैयारी के मुख्य बिंदु हो सकते हैं।  सामान्य  अध्ययन के नए पाठ्यक्रम में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी भी सम्मिलित की गई है विगत वर्ष इस खंड से बहुत  बड़ी संख्या में प्रश्न पूछे गए थे। अत: इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित  विभिन्न शब्दों का अर्थ तथा कम्प्यूटर के विभिन्न भागों के कार्यों, हार्डवेयर एवं सॉऍटवेयर की जानकारी भी बेहद  जरूरी है। इस भाग की तैयारी हेतु आप बेसिक कम्प्यूटर की किताबों का सहारा भी ले सकते हैं। सामान्य अध्ययन  प्रश्नपत्र की तैयारी हेतु सबसे पहले एनसीईआरटी की वे पुस्तकें जो 11वीं और 12वीं कक्षाओं में पाठ्यक्रम में  निर्धारित हैं राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए पढ़ी जानी चाहिए। इनमें भारतीय इतिहास, भूगोल, राजनीतिक व्यवस्था, अर्थशास्त्र, आर्थिक नियोजन, संविधान और विज्ञान की पुस्तकें अत्यधिक  महत्वपूर्ण अध्ययन संदर्भ हैं।  सामान्य ज्ञान की ऐसी बुनियादी तैयारी के  साथ-साथ प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी हेतु उपलब्ध स्तरीय मासिक  पत्रिकाओं का अध्ययन आवश्यक होता है। चूँकि सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में मध्यप्रदेश से संबंधित ढ़ेरों प्रश्न  पूछे जाते हैं। अत: मध्यप्रदेश के  सामान्य ज्ञान की भी विशेष तैयारी जरूरी है। सामान्य अध्ययन की तैयारी के  लिए जहाँ एक ओर भारत सरकार के  प्रकाशन- योजना, कुरुक्षेत्र, मध्यप्रदेश सरकार के प्रकाशन- पंचायिका,  मध्यप्रदेश संदेश, रोजगार और निर्माण, स्तरीय मासिक पत्रिकाएँ- मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान केंद्रीत प्रतियोगिता  निर्देशिका, सामान्य ज्ञान दर्पण, काम्पीटिशन सक्सेस रिव्यू आदि उपयोगी हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ विशिष्ट  पुस्तकें  भी लाभप्रद हैं । ये पुस्तकें हैं- इतिहास  हेतु- प्राचीन भारत का इतिहास झा एवं श्रीमाली, भारत का इतिहास-  रोमिला थापर, मध्यकालीन भारत- डॉ. आशीर्वादी लाल, आधुनिक भारत का इतिहास- बी.एल. ग्रोवर, भारत का  स्वतंत्रता संग्राम- डॉ. विपिनचंद्र। संविधान एवं राजव्यवस्था हेतु- भारत का संविधान- डी.डी.बसु। भूगोल हेतु- भारत  का भूगोल- गोपालसिंह, सी.बी. मामोरिया। अर्थव्यवस्था हेतु- भारतीय अर्थव्यवस्था-दत्त एवं सुंदरम्, भारतीय  अर्थव्यवस्था मिश्र एवं पुरी । इसके अलावा भारत- 2010 तथा मनोरमा ईयर बुक 2010 का अध्ययन भी काफी  लाभप्रद होगा।  इसके साथ ही प्रतियोगिता निर्देशिका के नोट्स भी तैयारी में बहुत सहायक सिद्ध होंगे। वे सभी  प्रतियोगी जो आगामी मध्यप्रदेश राज्य सेवा परीक्षा के माध्यम से राज्य सेवा के  प्रतिष्ठित पद पर चयनित होने  का सपना संजो रहे हैं उन्हें चाहिए कि वे परिश्रम और आत्मविश्वास के संकल्प के साथ राज्य सेवा प्रारंभिक  परीक्षा-2010 की तैयारी करें। यदि पूरे मनोयोग से तैयारी करेंगे तो सफलता अवश्य ही मिलेगी।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href="http://www.flair-solution.com/docs/test-paper-MPPSC-PRE-2010.pdf" target="_blank"&gt;Download Model Paper for MPPSC Pre 2010&lt;a&gt;&lt;/p&gt;
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    </item>
    <item>
      <title>ऐसे करें जिला न्यायालय सहायक ग्रेड-3, शीघ्रलेखक ग्रेड-2, ग्रेड-3, सहायक ग्रंथपाल तथा ट्रांसलेटर हेतु होने वाली प्रारंभिक परीक्षा-2011 की तैयारी</title>
      <pubDate>1/19/2011</pubDate>
      <description>
&lt;p&gt;मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं राज्य के जिला न्यायालयों में सहायक ग्रेड-3, शीघ्रलेखक ग्रेड-2, ग्रेड-3, ट्रांसलेटर, सहायक ग्रंथपाल आदि के 931 रिक्त पदों के लिए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन पदों हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 18 फरवरी, 2011 निर्धारित की गई है तथा इन पदों हेतु होने वाली प्रारंभिक परीक्षा 13 मार्च, 2011 को आयोजित की जानी है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;गौरतलब है कि इन विभिन्न पदों के लिए होने वाली प्रारंभिक परीक्षा में 100 वस्तुनिष्ठ  प्रश्न पूछे जाएँगे। जो इस प्रकार हैं- सामान्य ज्ञान के 40 प्रश्न, सामान्य हिन्दी के 10 प्रश्न, सामान्य अंग्रेजी के 20 प्रश्न तथा कम्प्यूटर ज्ञान के 30 प्रश्न। चूँकि इस परीक्षा में सामान्य ज्ञान के 40 प्रश्न पूछे जाएँगे इसलिए सामान्य ज्ञान के प्रश्नों की विशेष तैयारी जरूरी है। सामान्य ज्ञान खंड में इस बात की जाँच की जाती है कि परीक्षार्थी में सामान्य ज्ञान का स्तर कितना है। समाज, देश और विश्व से जु़डी प्रमुख घटनाओं के प्रति परीक्षार्थी की जागरूकता का पता इसी परीक्षा से लगाया जाता है। सामान्य ज्ञान में प्राय: सामान्य ज्ञान के प्रश्नों के साथ पिछले कुछ समय में हुई घटनाओं पर भी प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके लिए यह बहुत जरूरी है कि पूरे नवीनतम घटनाक्रम पर नजर रखी जाए। इस भाग की तैयारी के लिए राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान केंद्रित मासिक पत्रिका प्रतियोगिता निर्देशिका,कॉम्पीटिशन सक्सेस रिव्यू तथा सामान्य ज्ञान दर्पण बहुत उपयोगी है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सामान्य ज्ञान के तहत विज्ञान एवं पर्यावरण की तैयारी हेतु आप भौतिकी में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न सूत्रों को कंठस्थ कर लें। मापन, गति एवं बल, कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति, ध्वनि, प्रकाश, विद्युत ऊर्जा आदि से संबंधित सूत्रों एवं अवधारणाओं को याद कर लें। इसी प्रकार रसायन शास्त्र के तहत द्रव्य की प्रकृति, बंध, रासायनिक अभिक्रियाएँ, आवर्त सारणी, कार्बनिक रसायन पर विशेष ध्यान दें। जीव विज्ञान के अंतर्गत कोशिका, वनस्पति क्रिया विज्ञान, परिसंचरण तंत्र, श्वसन तंत्र, उत्सर्जन तंत्र, तंत्रिका तंत्र, अंत:स्त्रावी तंत्र, आनुवांशिकी, पोषण, स्वास्थ व रोग महत्वपूर्ण टॉपिक हैं। इन टॉपिँस पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सामान्य ज्ञान में इतिहास, भूगोल, राजनीति शास्त्र तथा अर्थशास्त्र से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इतिहास को तीन भागों यथा प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत तथा आधुनिक भारत में बाँटा जा सकता है। प्राचीन भारतीय इतिहास को तीन कालावधियों में बाँटा जाता है- प्रागैतिहासिक काल तथा ऐतिहासिक काल व आद्य ऐतिहासिक काल से प्रश्न प्राय: महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों व वहाँ प्राप्त वस्तुओं पर आधारित होते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;ऐतिहासिक काल में मुख्यत: सामाजिक, सांस्कृतिक पहलू पर ध्यान देना चाहिए। इसमें भी विशेष रूप से सामाजिक परिवर्तन, शिक्षा के स्रोत, कला एवं स्थापत्य तथा धार्मिक जीवन का विकास एवं इस अवधि के राजनीतिक इतिहास का भी अध्ययन करना चाहिए। मध्यकालीन भाग से इतिहास के साथ-साथ संस्कृति से भी अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं। इस काल के साहित्य, चित्रकला व स्थापत्य शैली तथा तकनीकी उपलब्धि की विस्तृत सूची बनाकर अध्ययन करना चाहिए। इतिहास खंड में आधुनिक इतिहास सबसे महत्वपूर्ण तथा सर्वाधिक अंकदायी भाग है, अत: इस पर विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाओं का अध्ययन लाभप्रद होता है।राजव्यवस्था से जु़डे सामान्य ज्ञान के प्रश्नों की तैयारी में संविधान संशोधन के महत्वपूर्ण तथ्यों एवं उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए महत्वपूर्ण निर्णयों का अध्ययन लाभप्रद होता है। परीक्षा की दृष्टि से भारतीय राजव्यवस्था को दो भागों में बाँट सकते हैं। संवैधानिक पक्ष एवं राजव्यवस्था से संबंधित सामायिक विकास। संवैधानिक पक्ष को पुन: दो भागों में बाँटा जा सकता है यथा भारतीय संविधान, संसदीय कार्यवाही व प्राविधिकता। राजव्यवस्था के अंतर्गत राज्य के नीति निदेशक तत्व, मूल कर्तव्य, कार्यपालिका, बजट, न्यायपालिका, केंद्र-राज्य संबंध, चुनाव, आपातकालीन प्रावधान व संविधान संशोधन  सम्मिलित हैं। इन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सामान्य ज्ञान में भूगोल खंड में अधिकांश प्रश्न भारत के भूगोल से संबंधित होते हैं। इनमें भूकंप के बुनियादी लक्षण, भारत के जलवायु क्षेत्र, बंदरगाह, ज्वार-भाटा, नदियाँ, बहुउद्देश्यीय परियोजनाएँ, सिंचाई, फसलें आदि मुख्य होते हैं। भूगोल की तैयारी के संबंध में एक विशेष बात है मानचित्र की जानकारी। मोटे तौर पर परीक्षार्थियों को मानचित्र पर विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों, पर्वतों, नदियों, झीलों की स्थिति के बारे में जानकारी होनी चाहिए। भूगोल की तैयारी हेतु सी.बी. मामोरिया की पुस्तक बहुत लाभप्रद है। सामान्य ज्ञान में अर्थव्यवस्था खंड की तैयारी हेतु भारतीय व विश्व अर्थव्यवस्था में हुई पहल व विकास का समीक्षात्मक विश्लेषण करना चाहिए। इसके अंतर्गत अर्थव्यवस्था की प्रकृति, पूँजी निर्माण, राष्ट्रीय आय, आय वितरण, भारत में नियोजन, संरचनात्मक सुधार, खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, औद्योगिक नीति, औद्योगिक रुग्णता, मुद्रास्फीति, भुगतान संतुलन, बैंकिंग प्रणाली तथा राजकोषीय ढाँचे के अध्ययन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस खंड हेतु दत्त एवं सुंदरम की भारतीय अर्थव्यवस्था उपयोगी पुस्तक है।
&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;प्रारंभिक परीक्षा में कम्प्यूटर ज्ञान के 30 प्रश्न पूछे जाएँगे। अत: इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित विभिन्न शब्दों का अर्थ तथा कम्प्यूटर के विभिन्न भागों के कार्यों, हार्डवेयर एवं सॉऍटवेयर की जानकारी भी बेहद जरूरी है। आपको शॉर्टकट कीज तथा कम्प्यूटर से जु़डी बारीक से बारीक पुर्जों के कामकाज की जानकारी भी होनी चाहिए। इस भाग की तैयारी हेतु बेसिक कम्प्यूटर की किताबों का सहारा लेना चाहिए।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;प्रारंभिक परीक्षा में  हिन्दी के 10 तथा अंग्रेजी के 20 प्रश्न पूछे जाएँगे इसलिए इस खंड का महत्व भी कम नहीं है। हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा के खंड का उद्देश्य भाषा ज्ञान की परीक्षा करना है। व्याकरण, शब्दावली, वाक्य पूर्ण करना, समानार्थी, विरुद्धार्थी, अनुच्छेद की समझ आदि संबंधी प्रश्नों से अंग्रेजी तथा हिन्दी भाषा संबंधी ज्ञान की परीक्षा की जाती है। अंग्रेजी भाषा खंड हेतु हरिमोहन प्रसाद और ऊषा रानी सिन्हा द्वारा लिखित पुस्तक ऑब्जेक्टिव इंग्लिश और कॉम्पीटेटिव इंग्लिश बहुत उपयोगी हैं। हिन्दी भाषा खंड हेतु डॉ. शिवाशंकर पांडे की सामान्य हिन्दी परिचय काफी उपयोगी पुस्तक है। वे सभी प्रतियोगी जो जिला न्यायालय सहायक ग्रेड-3, शीघ्रलेखक ग्रेड-2, ग्रेड-3, सहायक ग्रंथपाल तथा ट्रांसलेटर हेतु होने वाली प्रारंभिक परीक्षा-2011 में सफल होना चाहते हैं उन्हें चाहिए कि वे परिश्रम और आत्मविश्वास के संकल्प के साथ तैयारी करें। यदि पूरे मनोयोग से तैयारी करेंगे तो सफलता अवश्य ही मिलेगी।
&lt;/p&gt;
&lt;a href="http://www.flair-solution.com/docs/MPPSC-Assistant-Grade-3.pdf" target="_blank"&gt;Download Latest Sample Paper&lt;/a&gt;
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